श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ कथा का आज अंतिम दिवस
राजनांदगांव ।(नांदगांव टाइम्स) शहर के लेबर कालोनी वार्ड में आयोजित की जा रही श्रीमद् भागवत कथा को सूनने रोजाना सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुगण पहुंच रहे. भागवत कथा का कल 6 फरवरी, दिन शुक्रवार को अंतिम दिवस होगा. जिसमें तुलसी वर्षा एवं हवन पूजन का कार्यक्रम संपन्न किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री जी (सिलयारी, रायपुर) द्वारा गत 29 जनवरी से राजनांदगांव के लेबर कालोनी वार्ड में संतोष पिल्ले परिवार द्वारा कराई जा रही भागवत कथा में अपने श्री वचनों से श्रद्धालुओं को भागवत कथा का रसपान करा रहे है. आचार्य श्री शास्त्री जी को पूरे छत्तीसगढ़ में चायवाले बाबा के नाम से भी पहचाना जाता है.श्री शास्त्री जी ने भागवत कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को बताया कि हम अपने संस्कारों से दूर होते जा रहे है. खासकर युवा पीढ़ी जो अब डिजीटल युग की ओर बढ़ रही है, उनके माता- पिता और परिजनों को आगे आकर युवा पीढ़ी को अपने संस्कारों से जोड़ते हुए धर्म के कार्यों में आगे लाने की जरूरत है.
कथा के माध्यम से श्री शास्त्री जी ने कहा कि जिस प्रकार से राम मंदिर को बनाने स्वर्स्फूत उद्योगपतियों से लेकर हर वर्ग के लोगों ने अपनी स्वेच्छा से मंदिर निर्माण के साथ- साथ सनातन धर्म को आगे बढ़ाने का कार्य किया है. वैसे ही हमे अपनी संस्कृति को बढ़ाने स्वर्स्फूत आगे आना होगा. भागवत गीता में श्री कृष्ण ने कहां कि फल की चिंता मत करो, अपने कर्म अच्छे करते हो. फल भी अच्छा ही मिलेगा. ठीक उसी प्रकार लोगों को अपने जीवन में अच्छे कर्म करने चाहिए. कर्म अच्छा होगा तो फल भी अच्छा ही मिलेगा।
दिव्य दरबार में पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालु
लेबर कालोनी में पिल्ले परिवार द्वारा आयोजित की जा रही श्रीमद् भागवत कथा को सुनने आए सैकड़ों श्रद्धालुओं के लिए चाय वाले बाबा के नाम से पहचाने जाने वाले आचार्य श्री नरेन्द्र नयन शास्त्री जी द्वारा दिव्य दरबार 29 जनवरी से अनवरत 9 बजे से 12 बजे तक लगााया जा रहा है, जो आज 5 फरवरी तक लगाया गया. दिव्य दरबार में सैकड़ों की संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु अपनी मनोइच्छा और कठिनाईयों के बारे में आचार्य श्री शास्त्री जी से जानने का प्रयास कर रहे है. जिसका परचा बनाकर श्री शास्त्री जी द्वारा समाधान करने का प्रयास किया जाता है. जिससे श्रद्धालु प्रफूल्लीत हो रहे है. श्री शास्त्री जी द्वारा 7 एवं 8 फरवरी को सिलयारी धाम, रायपुर में अनुष्ठान, पाठ और निवारण का आयोजन किया जा रहा है. जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुगणों के पहुंचने की संभावना है.
