राजनांदगांव। बारिश का मौसम शुरू होते ही डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने और बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि घर और आसपास पानी जमा नहीं होने दें तथा तेज बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि वर्षा ऋतु में डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छरों के प्रजनन की संभावना अधिक रहती है। डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि टायर, गमले, नारियल के खोल, पानी की टंकियां, फ्रिज ट्रे, टूटे बर्तन और अन्य पात्रों में पानी जमा नहीं होने दें। प्रत्येक सप्ताह ड्राई डे मनाकर कूलर और पानी की टंकियों को खाली कर साफ करें तथा सुखाकर ही दोबारा उपयोग में लें।
सीएमएचओ ने बताया कि यदि किसी स्थान पर जमा पानी में मच्छरों के लार्वा दिखाई दें तो पानी की सतह पर इस्तेमाल योग्य तेल या जला हुआ मोबिल ऑयल डालकर लार्वा को नष्ट किया जा सकता है। साथ ही ऐसे स्थानों की तत्काल सफाई कर पानी का ठहराव रोकना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि डेंगू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते, मतली, उल्टी तथा गंभीर स्थिति में नाक या मसूड़ों से रक्तस्राव शामिल हैं। वहीं मलेरिया में तेज बुखार के साथ ठंड लगना, अत्यधिक पसीना आना, सिरदर्द, कमजोरी और शरीर दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से पूरी बांह के कपड़े पहनने, मच्छरदानी और मच्छररोधी क्रीम का उपयोग करने तथा सुबह-शाम विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के बुखार को सामान्य वायरल मानकर नजरअंदाज न करें और बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से बचें।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी शासकीय विभागों, नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों और आम नागरिकों से डेंगू एवं मलेरिया नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे स्वच्छता और जनजागरूकता अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक जनभागीदारी से ही इन बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
Tuesday, July 28, 2026
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