भारत की प्राण शक्ति स्वदेशी है : डॉ. रमन सिंह

Share This :

राजनांदगांव। भारतीय विपणन संघ द्वारा स्टेट हाई स्कूल में आयोजित स्वदेशी मेला में गणतंत्र दिवस के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मेले का निरीक्षण किया और इसके आयोजन की सराहना की। इस अवसर पर डॉ. रमन सिंह ने कहा कि “भारत की प्राण शक्ति स्वदेशी है”, और स्वदेशी उत्पादों के माध्यम से हम विदेशी शक्तियों से मुकाबला कर सकते हैं।

चर्चा में डॉ. रमन सिंह ने देश को आज़ाद कराने में वीर शहीदों द्वारा गाए गए “वंदे मातरम” गीत का जिक्र करते हुए कहा, “वे इस गीत के माध्यम से ऊर्जा प्राप्त करते थे। उसी तरह, हमें भी स्वदेशी अपनाकर अपनी शक्ति को जागृत करना होगा।”

डॉ. रमन सिंह ने आगे कहा, “भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के लिए हमें अपनी आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करना होगा। यह तभी संभव है जब हम पारंपरिक स्रोतों और स्वावलंबन के प्रयासों के साथ कदम बढ़ाएं।” उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए इस मेले के आयोजन को महत्वपूर्ण बताया और कहा, “यह आयोजन आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

स्वदेशी मेले के माध्यम से भारतीय संस्कृति और विचारधारा को सशक्त मंच मिलने की बात भी डॉ. रमन सिंह ने कही। उन्होंने मेले की संपूर्णता पर संतोष व्यक्त किया और आयोजकों की सराहना की।

मेले के संयोजक विनोद डढडा, जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत, प्रबंधक सुब्रोत चॉकी, चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष कमलेश बैद, किशुन यदु, मनोज निर्वाणी, उज्जवल कसेर, गोलछा जी, और सुधा पवार सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और समाजसेवी इस दौरान उपस्थित थे।

“आत्मनिर्भर भारत” की ओर बढ़ते हुए, इस मेले ने स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ भारतीय समाज और संस्कृति को भी प्रबल किया है।