आरटीई कानून में बदलाव पर विवाद, पैरेंट्स एसोसिएशन ने बताया गैरकानूनी

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा का अधिकार (आरटीई) कानून में किए गए बदलाव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पैरेंट्स एसोसिएशन ने 16 दिसंबर 2025 को जारी आदेश को गैरकानूनी बताते हुए इसका विरोध किया है। इस आदेश के तहत अब निजी स्कूलों में आरटीई के अंतर्गत प्रवेश केवल कक्षा पहली में ही दिए जाने का प्रावधान किया गया है।

अब तक वर्ष 2016 से निजी स्कूलों में नर्सरी और केजी-2 कक्षाओं में भी आरटीई के तहत प्रवेश दिया जा रहा था, लेकिन दिसंबर माह में जारी नए आदेश से इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। इससे अभिभावकों में असंतोष है।

छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिस्टोफर पॉल ने शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर इस बदलाव को कानून के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि आरटीई कानून की मूल धारा 12 में स्पष्ट रूप से “एंट्री क्लास” से प्रवेश देने का प्रावधान है। यानी जिस कक्षा से स्कूल की शुरुआत होती है, उसी कक्षा से आरटीई के तहत बच्चों को प्रवेश दिया जाना चाहिए।

क्रिस्टोफर पॉल ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश निजी स्कूल नर्सरी कक्षा से शुरू होते हैं। ऐसे में केवल कक्षा पहली से आरटीई प्रवेश का नियम न तो न्यायसंगत है और न ही तर्कसंगत। उन्होंने इस आदेश को निरस्त कर पूर्व की तरह नियमानुसार प्रवेश प्रक्रिया लागू करने की मांग की है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया, तो इस मामले में जल्द ही न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी।