राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क जांच एवं उपचार की महत्वपूर्ण पहल जारी है। इस अभियान के तहत अब तक 1667 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी की जा चुकी है।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत, प्रत्येक माह की 9 और 24 तारीख को विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिनमें गर्भवती महिलाओं को प्रसवपूर्व देखभाल, जांच, उपचार और परामर्श प्रदान किया जाता है। इस अभियान के अंतर्गत, जिन गर्भवती महिलाओं के पहले प्रसव ऑपरेशन से हुए हैं, पहले गर्भपात या मृत शिशु का जन्म हुआ हो, जिनका वजन या ऊंचाई कम हो, जिन्होंने कम उम्र में गर्भधारण किया हो या जो गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं, उन्हें विशेष ध्यान दिया जाता है।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार, अभियान में शामिल उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को हर सप्ताह दूरभाष के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सलाह भी दी जा रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जिले में कुल 1775 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाएं पंजीकृत हैं, जिनमें से 1667 महिलाओं का सोनोग्राफी किया जा चुका है। शेष 108 महिलाओं का सोनोग्राफी शनिवार तक पूरा कर लिया जाएगा।
आज के विशेष शिविर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की मदद से कुल 16 गर्भवती महिलाओं का नि:शुल्क सोनोग्राफी किया गया। इनमें से 11 महिलाओं का सोनोग्राफी सुन्दरा अस्पताल, घुमका में और 5 महिलाओं का भारत डायग्नोस्टिक में किया गया।
यह पहल गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य देखभाल को सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके सुरक्षित मातृत्व की दिशा में अहम कदम साबित हो रही है।
