उद्योगों की मांग के अनुसार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देंगे : कलेक्टर

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राजनांदगांव। जिले के युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के मुताबिक कौशल विकास से जोड़ने और उनकी क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में एक अहम बैठक ली। इस बैठक में विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

कलेक्टर ने कहा कि, ‘‘हमारे युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे न केवल रोजगार पा सकें, बल्कि आत्मनिर्भर भी बन सकें।’’ उन्होंने यह भी कहा कि कौशल विकास से जुड़ी यह प्रक्रिया जिले के युवाओं को प्रतिस्पर्धात्मक बनाएगी और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी।

बैठक के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगों के प्रतिनिधियों से चर्चा की गई, जिसमें फैब्रिकेशन, टेक्नीशियन, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिकल, सिविल इंजीनियरिंग, सॉफ्ट स्किल्स, मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, टेक्सटाइल्स, गारमेंट्स, इलेक्टॉनिक्स, आईटी, डाटा सेंटर, बीपीओ जैसे क्षेत्रों में कौशल आधारित प्रशिक्षण की संभावना पर विस्तार से विचार किया गया।

कलेक्टर ने उद्योगों से अपील की कि वे अपनी आवश्यकताओं की जानकारी जल्द से जल्द दें, ताकि अगले महीने से युवाओं को इन आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में उद्योगों के मानव संसाधन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कौशल विकास विभाग एक ठोस योजना तैयार करेगा।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री सेतु योजना के तहत उद्योगों से सहयोग लेकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोनों पक्ष—उद्योग और समाज—का फायदा हो। बैठक में वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, प्रशिक्षु आईपीएस श्री आदित्य कुमार, महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र श्री सानू व्ही वर्गीस, और अन्य उद्योगों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

कलेक्टर ने उद्योगों को शीघ्र अपनी आवश्यकताओं की जानकारी देने के निर्देश दिए, ताकि युवाओं के लिए जल्दी ही प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा सके।