कृषि विभाग द्वारा निजी उर्वरक विक्रेताओं के परिसर का किया आकस्मिक निरीक्षण

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राजनांदगांव। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के निर्देशानुसार कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा जिले में खरीफ वर्ष में उर्वरकों की आवक तथा समिति एवं निजी उर्वरक विक्रय केन्द्रों के माध्यम से किसानों को नियमित रूप से रासायनिक उर्वरकों के भंडारण व वितरण के लिए लगातार निरीक्षण एवं स्टाक सत्यापन का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में कृषि विभाग के उर्वरक निरीक्षकों द्वारा जिले के 7 निजी उर्वरक विक्रेताओं के परिसर में आकस्मिक निरीक्षण किया गया। जिसमें राजनांदगांव विकासखंड के दादाजी एग्री क्लिीनिक गंज मंडी राजनांदगांव के परिसर में जांच की गई। जांच में पाया गया कि विक्रेता बिना अनुज्ञप्ति के उर्वरक का व्यवसाय कर रहे थे। जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए विक्रेता के परिसर को सील किया गया। डोंगरगांव विकासखंड के शीतल कृषि केन्द्र को नोटिस दिया गया तथा सिन्हा कृषि केन्द्र डोंगरगांव द्वारा उर्वरक का बिना मूल्य सूची एवं रिकार्ड संधारण के बिना ही उर्वरकों का व्यापार करते पाये जाने पर संबंधित विक्रेताओं का अनुज्ञप्ति निलंबित किया गया है। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सहसपुर दल्ली के आर्शीवाद एग्रो एवं कबीर कृषि केन्द्र तथा सिद्धकी कुरैशी कृषि केन्द्र छुरिया को पंजी संधारण एवं मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करने के कारण उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन पाये जाने के कारण 21 दिवस के लिए निलंबित किया गया है।
उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने उर्वरकों का व्यापार करने वाले सभी अनुज्ञप्तिधारियों से किसानों के हित में शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही उर्वरकों का कृषकों को वितरण करने तथा विक्रय किए गए खादों का पीओएस मशीन के माध्यम से परिचालन एवं रिकार्ड संधारण करने की अपील की है। उन्होंने निजी उर्वरक विक्रय केन्द्रों की शिकायत एवं जांच में अनियमितता पाये जाने पर सभी उर्वरक निरीक्षकों को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।