राजनांदगांव। विकासखंड राजनांदगांव के ग्राम लिटिया में ग्रामीणों ने मिलकर घुमंतू पशुओं से फसल की रक्षा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सराहनीय कदम उठाया। ग्राम के गौठान में करीब 30-35 पशुओं के लिए चारा-पानी की व्यवस्था की गई थी। इसी बीच अज्ञात व्यक्तियों ने यहां लगभग 72 पशुओं को लाकर छोड़ दिया।
लगातार बारिश के चलते गौठान में रखे गए 4 पशु निमोनिया से पीड़ित होकर अचानक मौत का शिकार हो गए। सूचना मिलने पर पशुधन विभाग ने शेष गौवंशों का उपचार किया।
प्रशासन सक्रिय
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने गौवंशों को सुरक्षित रखने के लिए कई गौशालाओं में विस्थापन के निर्देश दिए। इनमें यशोदा गौशाला (सुकुलदैहान), श्रीकृष्ण गौशाला (डोंगरगढ़), पिंजरापोल गौशाला, बजरंग दल संचालित गौशाला और मां बंजारी गौशाला (बरगाही) शामिल हैं।
नगर निगम के सहयोग से काऊ कैचर के माध्यम से 28 गौवंश यशोदा गौशाला, 10 पिंजरापोल और 5 गौशाला बजरंग दल में शिफ्ट किए गए हैं। शेष पशुओं को भी चरणबद्ध तरीके से अन्य गौशालाओं में स्थानांतरित किया जाएगा।
कार्रवाई होगी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन पशुओं में टैग लगे हैं और जिन्हें खुले में छोड़ा गया है, उनके मालिकों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।