राजनांदगांव। केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी की उच्च दरों में की गई कटौती का चैंबर ऑफ कॉमर्स ने स्वागत किया है। जिला अध्यक्ष कमलेश बैद ने कहा कि 28 प्रतिशत जीएसटी को घटाकर 18 प्रतिशत और 12 प्रतिशत को घटाकर 5 प्रतिशत करना निश्चित ही देशहित में है। उन्होंने इसे सराहनीय कदम बताया, लेकिन साथ ही आशंका जताई कि छोटे व्यापारी और कुटीर उद्योग प्रभावित हो सकते हैं। श्री बैद ने कहा कि स्वरोजगार से जुड़े अनरजिस्टर्ड डीलर और कम्पोजीशन योजना वाले उद्योग बंद होने की कगार पर आ सकते हैं, जिससे करीब 50 लाख लोगों का रोजगार प्रभावित होगा।
प्रदेश संरक्षक खूबचंद पारख ने भी सरकार के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरें कम होने से व्यापार का प्रवाह तेज होगा, व्यापारी निश्चिंत होकर कारोबार करेंगे और अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी। विदेशी मुद्रा भंडार और राजस्व संग्रह में भी वृद्धि होगी। श्री पारख ने मांग की कि गृह उद्योग, कुटीर और सूक्ष्म उद्योगों में निर्मित फूड आइटम को पूरी तरह से जीएसटी से मुक्त रखा जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व की भांति केवल रजिस्टर्ड ब्रांडेड आइटम पर ही कर लगाया जाए, ताकि स्वरोजगार और नए रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ का व्यापारी देश के सबसे ईमानदार व्यापारियों में गिना जाता है। यही कारण है कि छोटा राज्य होने के बावजूद जीएसटी कलेक्शन में छत्तीसगढ़ शीर्ष पर है। श्री पारख ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए और उन्हें सम्मान के साथ विशेष रियायतें प्रदान की जाएं।