स्वास्थ्य अधोसंरचना में तेजी से विकास , आयुष्मान आरोग्य मंदिर से गांव-गांव तक पहुंची स्वास्थ्य सुविधा

रायपुर, 05 फरवरी 2026।(नांदगाँव टाइम्स) लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा बीते दो वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में व्यापक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। राज्य सरकार ने इलाज के साथ-साथ रोकथाम, समय पर पहचान और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया है, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुदृढ़ और जनहितैषी बनी है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा मानव संसाधन को मजबूत करने के लिए डॉक्टरों, नर्सों एवं विभिन्न कैडरों में बड़ी संख्या में नियुक्तियां की गई हैं, वहीं हजारों पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इससे अस्पतालों में सेवाओं की उपलब्धता और कार्यक्षमता दोनों में सुधार हुआ है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रदेश में नए जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप-स्वास्थ्य केंद्रों की स्वीकृति दी गई है। साथ ही अत्याधुनिक लैब, क्रिटिकल केयर ब्लॉक एवं टेलीमेडिसिन जैसी सुविधाओं का विस्तार कर दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गई हैं।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना के तहत लाखों लोगों को स्वास्थ्य मेले, जांच एवं वेलनेस सेवाओं का लाभ मिला है। टेलीमेडिसिन के माध्यम से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराया गया, जिससे उन्हें शहरों की दूरी तय करने की आवश्यकता कम हुई है।
गैर संचारी रोगों की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान चलाए गए, जिनमें लाखों नागरिकों की बीपी, शुगर एवं कैंसर की जांच की गई। वहीं मातृ-शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में टीकाकरण दर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई और कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष ध्यान दिया गया। संक्रामक रोगों की रोकथाम में भी राज्य ने सफलता हासिल की है। टीबी, मलेरिया एवं डेंगू जैसे रोगों के नियंत्रण हेतु चलाए गए अभियानों से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, वहीं सिकल सेल एनीमिया की पहचान एवं उपचार के लिए बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग की गई है।
दवा एवं उपकरण आपूर्ति व्यवस्था के तहत छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) ने बीते दो वित्तीय वर्षों में सैकड़ों प्रकार की दवाओं, आयुष औषधियों एवं कंज्यूमेबल सामग्रियों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की है। इससे प्रदेश के मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पतालों एवं हजारों स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की उपलब्धता मजबूत हुई है और आमजन को समय पर उपचार मिल रहा है।
आगामी वर्षों के लिए विभाग ने ब्लॉक स्तर पर पब्लिक हेल्थ यूनिट, इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब, क्रिटिकल केयर ब्लॉक एवं विशेष नवजात इकाइयों की स्थापना की योजना बनाई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुलभ एवं प्रभावी होंगी।
