जिले में धान उठाव ने पकड़ी रफ्तार : तेजी से हो रहा परिवहन, प्रशासनिक प्रयासों से किसानों को मिल रही राहत

Share This :

मोहला। जिले में छत्तीसगढ़ शासन की धान खरीदी व्यवस्था अब सुचारू रूप से चल रही है और खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान उठाव में तेजी आई है। प्रशासनिक प्रयासों और उचित व्यवस्था से किसान अब अपनी धान की बिक्री आसानी से कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें समय पर राहत मिल रही है।

अब तक जिले के 43,840 पंजीकृत किसानों में से 21,284 किसानों ने कुल 10 लाख 92 हजार 146 क्विंटल धान की बिक्री की है। इस दौरान प्रशासन ने धान उठाव में तेजी लाने के लिए 7 राइस मिलों का पंजीयन कराया है। इन मिलों के माध्यम से 1 लाख 49 हजार 860 क्विंटल धान के डीओ जारी किए गए, जिनमें से 1 लाख 14 हजार 980 क्विंटल धान का उठाव सफलतापूर्वक किया जा चुका है।

धान की लगातार आवक को देखते हुए सेवताटोला संग्रहण केंद्र से 31,000 क्विंटल धान के संग्रहण हेतु परिवहन आदेश जारी किया गया है। इसी क्रम में, आज 30 गाड़ियों के माध्यम से धान का सुरक्षित परिवहन किया गया। साथ ही, जिले में खरीदी गए धान के शीघ्र निराकरण के लिए अंतर-जिला मिलिंग की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके तहत, राजनांदगांव, दुर्ग और धमतरी जिलों की मिलों को 3 लाख क्विंटल धान का डीओ जारी किया जाएगा।

रकबा समर्पण से अवैध व्यापार पर नकेल
अब तक धान बिक्री करने वाले 11,824 किसानों ने कुल 4,772.12 हेक्टेयर रकबा समर्पण किया है। इस कदम से कोचियों और बिचौलियों द्वारा अवैध धान बिक्री पर रोक लगेगी, और जिले में वास्तविक किसानों से ही धान की खरीदी सुनिश्चित होगी।

कड़ी कार्रवाई जारी
कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के निर्देशन में अवैध धान भंडारण और परिवहन के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अब तक 35 प्रकरणों में 1,891 क्विंटल धान जब्त कर लगभग 58 लाख 62 हजार रुपए की कार्यवाही की गई है। यह कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी, जिससे अवैध धान व्यापार को पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सके।

समन्वित प्रयासों से धान खरीदी, उठाव और भंडारण की व्यवस्था पारदर्शी बनी
छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से जिले में धान खरीद, उठाव और भंडारण की व्यवस्था पारदर्शी और प्रभावी बनी हुई है। इसके परिणामस्वरूप किसानों को समय पर उचित लाभ मिल रहा है और शासन की व्यवस्था पर उनका विश्वास बढ़ा है।