दनगढ़ में खेलकूद और विकास की एक नई मिसाल

Share This :

मोहला। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम दनगढ़ में आज आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता ने खेलकूद और विकास का संगम प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष एवं एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह जी शामिल हुईं। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों और ग्रामीणों ने श्रीमती सिंह का उत्साहपूर्वक स्वागत किया, और खेल मैदान में खिलाड़ियों के संघर्ष और जोश को देख दर्शक ताली बजाते हुए उनकी हिम्मत बढ़ा रहे थे।

ग्रामीण प्रतिभाओं का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान श्रीमती नम्रता सिंह जी ने खिलाड़ियों से कहा, “ग्रामीण इलाकों में अपार प्रतिभाएं छिपी हुई हैं। यदि इनको उचित अवसर और प्रोत्साहन मिले तो ये खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम रोशन कर सकते हैं। कबड्डी जैसे खेल हमारी सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा हैं, और ये युवा पीढ़ी में अनुशासन और सामूहिक भावना का संचार करते हैं।”

हॉस्टल निरीक्षण और समस्याओं का समाधान

कार्यक्रम के बाद श्रीमती सिंह जी ने दनगढ़ स्थित छात्रावास (हॉस्टल) का दौरा किया। इस दौरान हॉस्टल अधीक्षक ने उन्हें भवन की जर्जर स्थिति, मरम्मत की आवश्यकता और अन्य बुनियादी समस्याओं के बारे में जानकारी दी। श्रीमती सिंह ने तुरंत संबंधित विभागीय अधिकारियों से बातचीत की और छात्रों की पढ़ाई और निवास में किसी भी प्रकार की कठिनाई को बर्दाश्त नहीं करने का स्पष्ट निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को भवन की शीघ्र मरम्मत कराने के लिए आदेश दिया।

स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर ध्यान

इसके बाद श्रीमती सिंह जी ने ग्राम दनगढ़ स्थित अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों से बातचीत की और उनके स्वास्थ्य का हालचाल लिया। अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ ने उन्हें कुछ प्रमुख समस्याओं और उपकरणों की कमी की जानकारी दी। इस पर श्रीमती सिंह ने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द किया जाएगा ताकि यहां के लोग बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें।”

ग्रामीणों का विश्वास और सराहना

ग्रामवासियों ने श्रीमती नम्रता सिंह जी की सक्रियता और संवेदनशीलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि श्रीमती सिंह जी हमेशा क्षेत्र की समस्याओं को गंभीरता से सुनती हैं और समाधान के लिए तत्पर रहती हैं। उनकी सक्रिय भागीदारी और जनसंपर्क शैली ने ग्रामीणों के बीच विश्वास और आत्मीयता का भाव बढ़ाया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में खेलकूद, शिक्षा, और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में ऐसा सक्रिय नेतृत्व निश्चित रूप से एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में अहम कदम साबित हो रहा है।