राजनांदगांव। जिले के ग्राम पंचायत पदुमतरा में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह के दौरान भक्ति, श्रद्धा और आस्था का अनुपम संगम देखने को मिला। कथा के दूसरे दिन कथा पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों ने भजन-कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन के बीच कथा श्रवण किया। पूरा वातावरण जयघोष और भक्ति भाव से सराबोर नजर आया।
राष्ट्रीय एवं छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कथा वाचक पं. श्री युवराज पांडे ने श्रीमद् भागवत महापुराण की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि भागवत केवल धार्मिक ग्रंथ नहींए बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला जीवन दर्शन है। यह धर्म, भक्ति, ज्ञान और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
कथा के दौरान उन्होंने कहा कि जब-जब धरती पर अत्याचार, अधर्म और अन्याय बढ़ता है, तब-तब भगवान भक्तों की रक्षा और दुष्टों के विनाश के लिए अवतरित होते हैं। धु्रव चरित्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि दृढ़ निश्चय और सच्ची भक्ति से भगवान को भी प्रसन्न किया जा सकता है। वहीं प्रह्लाद चरित्र के माध्यम से यह संदेश दिया कि ईश्वर में अटूट विश्वास रखने वाले भक्त को कोई भी शक्ति पराजित नहीं कर सकती।
वामन अवतार का प्रसंग सुनाते हुए पं. पांडे ने बताया कि कैसे भगवान वामन ने राजा बलि से तीन पग भूमि मांगकर संपूर्ण सृष्टि को नाप लिया और अहंकार का नाश किया। इसके बाद कंस के कारागार में वासुदेव-देवकी के यहां भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की पावन कथा का वर्णन किया गया। श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा पंडाल जय श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।
कथा के समापन पर आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन को सफल बनाने में ग्रामवासियों और आयोजन समिति का विशेष योगदान रहा। आयोजन समिति के प्रमुख ओमप्रकाश साहू ने कथा में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस विराट आयोजन में श्रीराम मंदिर ट्रस्ट समिति, महिला मंडल, भागवत समिति तथा जनप्रतिनिधियों का सराहनीय सहयोग रहा। पूरे गांव में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
धरती पर जब-जब बढ़ता है अत्याचार, तब-तब अवतार लेते हैं भगवान : पं. युवराज पांडे
