राजनांदगांव। पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन में जिलेभर में 12 जून से 26 जून तक नशा मुक्ति भारत पखवाड़ा अंतर्गत एक युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले के शहरी और ग्रामीण अंचलों में स्कूल, कॉलेज, बाजार और हाट में पुलिस द्वारा जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अब तक लगभग 2000 से अधिक लोगों को नशा उन्मूलन को लेकर जागरूक किया गया है।
थाना बसंतपुर, लालबाग, सोमनी, डोंगरगढ़, बागनदी, छुरिया, बोरतलाव, डोंगरगांव, घुमका और पुलिस चौकी सुकूलदैहान, सुरगी, मोहारा, चिचोला, चिखली की पुलिस टीमों ने स्कूलों और ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर विद्यार्थियों और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभाव की जानकारी दी।
एसडीओपी दिलीप सिसोदिया ने स्वामी आत्मानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, घुमका पहुंचकर छात्रों को बताया कि नशा किस प्रकार से उनके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन को प्रभावित करता है। उन्होंने नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी।
स्कूली बच्चों ने नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से समाज को नशा छोड़ने और नशा से होने वाले नुकसान को लेकर संवेदनशील संदेश दिया। इन रचनात्मक कार्यक्रमों को ग्रामीणों और युवाओं ने सराहा।
पुलिस अधिकारियों ने बाजारों में आम लोगों से सीधा संवाद कर नशा बेचने वालों की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। साथ ही नशा एक अपराध है, यह समझाते हुए लोगों को इसके खिलाफ जागरूक किया।
इस दौरान सोशल मीडिया से होने वाले साइबर अपराध और महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों जैसे घरेलू हिंसा, यौन हिंसा आदि के प्रति भी लोगों को सतर्क किया गया। सायबर फ्रॉड की स्थिति में नागरिकों को 1930 हेल्पलाइन शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई। इसके साथ ही अभिव्यक्ति ऐप के माध्यम से मिलने वाली तत्काल पुलिस सहायता की जानकारी भी साझा की गई।
नशा मुक्ति पखवाड़ा में पुलिस ने 2000 से अधिक लोगों को किया जागरूक
