नागपुर से पकड़ा गया साइबर ठग, फर्जी ईडी अफसर बनकर महिला से ठगे 25 लाख

Share This :

राजनांदगांव। राजनांदगांव साइबर सेल और बसंतपुर थाना पुलिस ने एक बड़ी साइबर ठगी का खुलासा करते हुए महाराष्ट्र के नागपुर से एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी कंबोडिया और दुबई में संचालित साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर्स को फर्जी तरीके से एक्टिवेट की गई मोबाइल सिम कार्ड्स की सप्लाई करता था। इन सीमों का उपयोग डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों से ठगी करने के लिए किया जा रहा था।

व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर खुद को बताया ईडी अफसर

01 अगस्त से 12 अगस्त 2025 के बीच आरोपियों ने एक महिला को व्हाट्सएप वीडियो कॉल कर खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बताया। महिला को यह कहकर डराया गया कि उसके बैंक खाते का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है और उसे डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। वीडियो कॉल के दौरान आरोपियों ने फर्जी ईडी डायरेक्टर और जज बनकर दबाव बनाया।

लगातार कॉल पर रखने का दबाव, फिर 25 लाख की ठगी

पीड़िता को कहा गया कि गिरफ्तारी से बचना है तो उसे कॉल पर लगातार बने रहना होगा और 25 लाख रुपये ट्रांसफर करने होंगे। डर के मारे महिला ने यूनियन बैंक खाते से एचडीएफसी बैंक खाते में 25 लाख रुपये जमा कर दिए। बाद में उसे ठगी का एहसास हुआ और उसने बसंतपुर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई।

आरोपी के तार नागपुर से जुड़े

जांच में सामने आया कि नागपुर निवासी गुणवंत रामराव मते (उम्र 34 वर्ष) इस अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड रैकेट में शामिल था। वह गुनू मोबाइल नाम से दुकान चलाता था और एयरटेल कंपनी का पीओएस एजेंट बनकर लोगों के आधार कार्ड और फोटो इकट्ठा करता था। फ्री रिचार्ज और सिम पोर्ट कराने के नाम पर उसने फर्जी सिम एक्टिव कर अपने पास रख लीं। बाद में इन्हें साइबर क्राइम में इस्तेमाल करने के लिए 1500 रुपए प्रति सिम में कॉल सेंटर्स को बेच देता था।

कबूल किया अपराध, भेजा गया जेल

आरोपी ने पूछताछ में अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसने जनवरी 2025 से इस काम की शुरुआत की थी। उसके द्वारा बेची गई सिम का उपयोग कंबोडिया और दुबई स्थित कॉल सेंटर्स में किया जा रहा था। आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 363/25 के तहत धारा 318(4), 319(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की धारा 66(सी), 66(डी) के तहत मामला दर्ज कर उसे 28 अगस्त को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने बनाई थी विशेष टीम

पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय पम्मार व बसंतपुर थाना प्रभारी एमन साहू के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नागपुर जाकर छानबीन की गई और आरोपी को धरदबोचा गया।

पुलिस की अपील:

किसी अज्ञात कॉल या व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति द्वारा खुद को सरकारी अधिकारी बताने पर भरोसा न करें।

डिजिटल अरेस्ट या मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर कोई भी मांग हो तो सतर्क रहें।

किसी के कहने पर बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर न करें।

ऐसी किसी भी घटना की जानकारी तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।