राजनांदगांव। थाना डोंगरगढ़ पुलिस और साइबर सेल की टीम ने 48 घंटे में एक अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली। पति ने अपने एक साथी के साथ मिलकर पत्नी की हत्या की थी और हत्या को छिपाने के लिए शातिर तरीके से साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश की थी।
दिनांक 22 फरवरी 2026 को थाना डोंगरगढ़ को सूचना मिली कि ग्राम भैंसरा स्थित बाबा आम बगीचा में एक अज्ञात महिला की लाश पाई गई है। महिला के सिर पर पत्थर से वार किया गया था, जिससे पहचान छिपाने की कोशिश की गई थी। इस जानकारी के बाद पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरू की।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर मृतिका की पहचान पुर्णिमा नेताम (35) के रूप में कीए जो राजनांदगांव के रविदास नगर की रहने वाली थी। पुलिस ने छानबीन के दौरान मृतिका के पति सुनील वंजारी पर संदेह जताया, जो घटना के बाद से गायब था और उसका मोबाइल भी बंद था।
पुलिस ने गहन तलाशी अभियान चलाया और सुनील वंजारी को डोंगरगांव से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि उसने अपने साथी ज्योतिष सिंह नेताम के साथ मिलकर 21 फरवरी 2026 को अपनी पत्नी को बाबा आम बगीचा ले जाकर पत्थर से सिर पर हमला कर हत्या कर दी। इसके बाद सुनील ने खून से सने कपड़े अपने दोस्त नीलकंठ साहू को दिए, ताकि वह उन्हें जलाकर साक्ष्य नष्ट कर सके।
आरोपी सुनील वंजारी, ज्योतिष सिंह नेताम और नीलकंठ साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस पूरे मामले में थाना डोंगरगढ़ के निरीक्षक संतोष जायसवाल, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार पम्मार और पुलिस टीम के अन्य कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
पति ने दोस्त के साथ मिलकर की पत्नी की हत्या, 48 घंटे में सुलझी अंधे कत्ल की गुत्थी
