भारत को अस्थिर करने की अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश

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असम CM का बड़ा दावा—पाकिस्तान से जुड़ा नेटवर्क सक्रिय, कांग्रेस सांसद की संदिग्ध भूमिका उजागर

गुवाहाटी। (नांदगांव टाइम्स) असम के मुख्यमंत्री ने भारत को अस्थिर करने की एक कथित अंतरराष्ट्रीय साजिश का बड़ा खुलासा किया है। सोशल मीडिया मंच X पर जारी बयान में मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान और उसके प्रॉक्सी तत्वों द्वारा भारत के विकास को बाधित करने के उद्देश्य से एक सुनियोजित नेटवर्क संचालित किया जा रहा था, जिसकी जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख ने एलिज़ाबेथ कोलबर्न नामक महिला को भारत में एजेंट के रूप में स्थापित किया। इसका मकसद भारत के विकास कार्यों का अध्ययन कर पर्यावरणीय सक्रियता की आड़ में उन्हें नुकसान पहुँचाने की रणनीति तैयार करना था।

संदिग्ध फंडिंग, गुप्त यात्राएं और संवेदनशील सूचनाओं का आदान-प्रदान

जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क में संदिग्ध नियुक्ति अनुबंध, छिपी हुई फंडिंग व्यवस्था, असामान्य अंतरराष्ट्रीय यात्राएं और संवेदनशील जानकारियों का आदान-प्रदान शामिल था। मुख्यमंत्री ने इसे भारत विरोधी गतिविधियों का एक संगठित जाल बताया।

असम के कांग्रेस सांसद पर गंभीर आरोप

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में असम के एक कांग्रेस सांसद, जो एक पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र भी हैं, की भूमिका अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण रही। आरोप है कि उन्होंने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इस नेटवर्क को सहयोग दिया—जिसमें संवेदनशील संसदीय प्रश्नों की जानकारी जुटाना, गुप्त रूप से पाकिस्तान की यात्रा करना और ‘युवा आदान-प्रदान’ की आड़ में भारत में पाकिस्तानी अधिकारियों से संपर्क बनाए रखना शामिल है।

SIT की सराहना, मामला गृह मंत्रालय को सौंपा

मुख्यमंत्री ने असम पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) की प्रशंसा करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद टीम ने इस खतरनाक साजिश का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि उपलब्ध सबूतों और कई अनुत्तरित सवालों को देखते हुए मामले को केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप दिया गया है, ताकि केंद्रीय एजेंसी द्वारा गहन जांच की जा सके।

अब फैसला जनता की अदालत में

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारंभ में किसी को भी भारत विरोधी गतिविधियों के इतने बड़े पैमाने की आशंका नहीं थी, लेकिन तथ्यों के सामने आने के बाद सच्चाई देश के सामने रखना उनका दायित्व था। उन्होंने कहा कि अब यह मामला कानून के साथ-साथ जनता की अदालत में भी है, जो तय करेगी कि देशहित के खिलाफ कथित रूप से काम करने वालों की भूमिका क्या रही।