नांदगांव टाइम्स। मध्य पूर्व में तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान ने एक बड़े सैन्य कदम के तहत बहरीन, कतर, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, सऊदी अरब, इराक और इजरायल में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दी हैं। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।

सूत्रों के मुताबिक, इन देशों में स्थित अमेरिकी बेसों को लक्षित कर यह कार्रवाई की गई, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण अचानक बदल गए हैं। कई जगहों पर एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं और हवाई निगरानी बढ़ा दी गई है। हमलों की खबर फैलते ही खाड़ी क्षेत्र के देशों में आपात सुरक्षा बैठकों का दौर शुरू हो गया है।
इस बीच संयुक्त अरब अमीरात ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरान को चेतावनी दी है कि यदि उसकी संप्रभुता या राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचा तो वह जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। इस बयान ने तनाव को और बढ़ा दिया है। वहीं इजरायल ने हालात की गंभीरता को देखते हुए अपने 70 हजार रिजर्व सैनिकों को तत्काल प्रभाव से बुला लिया है और देशभर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
मिडिल ईस्ट के कई हिस्सों में अफरातफरी का माहौल है। तेल आपूर्ति और वैश्विक बाजारों पर संभावित असर को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आशंका जताई जा रही है कि अगर हालात पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है।
स्थिति लगातार बदल रही है और दुनिया की निगाहें अब मध्य पूर्व पर टिकी हुई
