मोहला। आजादी के 75 साल बाद छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी क्षेत्र के 17 आदिवासी बाहुल्य गांवों में बिजली पहुंची, और इसके साथ ही इन गांवों के 540 परिवारों का जीवन बदल गया। इस विद्युतीकरण योजना से न केवल गांवों का अंधकार मिटा, बल्कि यहां रहने वाले लोगों के सपने भी साकार होने की दिशा में एक कदम बढ़ गए। मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना ने इन दूरदराज़ के गांवों में बिजली की रोशनी पहुंचाई, जहां कभी घने जंगलों और पहाड़ों के बीच जीवन जी रहे लोग लालटेन और चिमनी की रोशनी में अपना समय बिताते थे।
सपने का साकार होना:
ग्राम संबलपुर में बिजली पहुंचने की खुशी का तो कहना ही क्या! यहां के बच्चों और बुजुर्गों के चेहरों पर जो उल्लास था, वह किसी त्यौहार से कम नहीं था। गांव में 45 परिवार ऐसे थे, जो हमेशा बिजली की रोशनी से वंचित थे। लेकिन अब मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना के तहत 540 परिवारों को पारंपरिक बिजली मिल चुकी है। बिजली पहुंचने से यहां की जीवनशैली में एक नई दिशा और दशा आ गई है।
सहयोग से साकार हुआ सपना:
छत्तीसगढ़ सरकार ने इस योजना को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 6.8 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की थी। इसके तहत 89 किलोमीटर 11 केवी लाइन, 22 किलोमीटर निम्नदाब लाइन, 95 विद्युत पोल और 25 ट्रांसफार्मर लगाए गए। इसके बाद, इन गांवों में पहली बार बिजली की रोशनी फैली। यह कार्य बेहद कठिन परिस्थितियों में कुशल विद्युत कर्मियों द्वारा पूरा किया गया, जिन्होंने घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों में जाकर यह महत्वपूर्ण कार्य संपन्न किया। बिजली आने के बाद, संबलपुर और आस-पास के गांवों में खुशी की लहर दौड़ गई।
सपने और उम्मीदों का नया आकाश:
ग्राम संबलपुर के तीसरी कक्षा के छात्र तमेश्वर के लिए बिजली का आना किसी सपने के सच होने जैसा था। उसने खुशी जताते हुए कहा, “अब हम देर रात तक पढ़ाई कर सकते हैं और बड़े अधिकारी बनने का सपना पूरा कर सकते हैं।” तमेश्वर के साथ-साथ गांव के सभी बच्चे अब अपने भविष्य को लेकर और भी आशान्वित हैं।
आधुनिकता की ओर कदम बढ़ाए:
ग्राम के मेहरूराम हिड़ामी ने बताया, “हमारे रिश्तेदार जो दूसरे गांवों में रहते थे, उनके घरों में बिजली थी, और हम हमेशा सोचते थे कि कब हमारा गांव भी रोशन होगा। अब वह सपना सच हो गया है, और हम भी आधुनिक संसाधनों का लाभ उठा पाएंगे।” संबलपुर और आसपास के 16 गांवों में बिजली पहुंचने के बाद, ग्रामीणों ने इसे दिवाली की तरह मनाया। पटाखे फोड़े गए, मिठाईयां बांटी गईं, और खुशी का माहौल था।
मुख्यमंत्री और प्रशासन को धन्यवाद:
इस योजना की सफलता पर संबलपुर और आसपास के गांवों के 540 परिवारों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और संबंधित विभागों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह योजना उनके लिए वरदान साबित हुई है और इससे उनका जीवन रोशन हो गया है।
