राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पेश किए गए 2026-27 के बजट को लेकर कांग्रेस के युवा नेता हर्षिल भेलावे ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह बजट युवाओं के भविष्य पर ब्रेक लगाने वाला है और इसमें केवल आंकड़ों की चमक दिखाई गई है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है।
हर्षिल ने आरोप लगाया कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और शिक्षा सुधार की बातें सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं के फार्म भरते-भरते युवा थक चुके हैं, परीक्षाएं लगातार टल रही हैं और नियुक्तियां अब तक लंबित हैं।
शिक्षा क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 25 करोड़ रुपये में 25 नए कॉलेज खोलने की घोषणा महज कागजी साबित होगी। पुराने कॉलेजों की इमारतें जर्जर हैं और शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। प्राथमिक स्कूलों से लेकर महाविद्यालयों तक संसाधनों का अभाव है। ऐसे में नए कॉलेजों की घोषणा युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सवाल उठाते हुए हर्षिल ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में 72 प्रतिशत सीनियर रेजिडेंट के पद खाली हैं। हजारों डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जर्जर हालत में हैं, जहां बुनियादी दवाओं का अभाव है। कई अस्पताल केवल रेफरल सेंटर बनकर रह गए हैं।
उन्होंने कहा कि बड़े प्रोजेक्ट्स और बजट के आकर्षक आंकड़ों के पीछे युवाओं, छात्रों और आम जनता की वास्तविक समस्याओं को नजरअंदाज किया गया है। कांग्रेस हमेशा से युवाओं और सभी वर्गों की आवाज उठाती रही है और आगे भी उनके हक की लड़ाई जारी रखेगी।
युवाओं के भविष्य पर ब्रेक, बजट की चमक सिर्फ आंकड़ों में : हर्षिल
