राजनांदगांव। जिले में स्वरोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र और राज्य शासन की योजनाओं का असर अब साफ नजर आने लगा है। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से न सिर्फ नए उद्योग स्थापित हुए हैं, बल्कि सैकड़ों युवाओं को रोजगार भी मिला है। इससे जिले की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।
पीएमईजीपी से 102 हितग्राहियों को मिला लाभ
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत पिछले दो वर्षों में 102 हितग्राहियों को ऋण स्वीकृत किया गया। इस दौरान 271.32 लाख रुपए की सब्सिडी भी प्रदान की गई, जिससे कई लोगों ने अपना खुद का व्यवसाय शुरू किया।
पीएमएफएमई योजना से खाद्य उद्योगों को संबल
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना के अंतर्गत 48 हितग्राहियों को ऋण दिया गया। योजना के तहत 223.73 लाख रुपए की सब्सिडी का लाभ मिला, जिससे खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े छोटे उद्योगों को मजबूती मिली है।
दो साल में 57 नए उद्योग, 720 लोगों को रोजगार
जिले में बीते दो वर्षों में कुल 57 नए उद्योगों की स्थापना हुई है। इनमें 9 सूक्ष्म, 40 लघु, 5 मध्यम और 3 वृहद उद्योग शामिल हैं। इन उद्योगों के जरिए 720 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
सूक्ष्म उद्योग: 9 इकाइयों से 1107.39 लाख रुपए का निवेश, 37 को रोजगार
लघु उद्योग: 40 इकाइयों से 8443.33 लाख रुपए का निवेश, 337 को रोजगार
मध्यम उद्योग: 5 इकाइयों से 5074.85 लाख रुपए का निवेश, 48 को रोजगार
वृहद उद्योग: 3 इकाइयों से 6464.61 लाख रुपए का निवेश, 298 को रोजगार
आर्थिक विकास को मिली रफ्तार
नए उद्योगों और स्वरोजगार योजनाओं से जिले में पूंजी निवेश बढ़ा है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र की पहल से जिले का औद्योगिक परिदृश्य लगातार मजबूत हो रहा है।
