राजनांदगांव। राज्य शासन के निर्देशानुसार श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से श्रमिकों के बैंक खाते में दिया जा रहा है। इस क्रम में पंजीकृत सभी निर्माण, असंगठित और संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए अपने पंजीयन का ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य कर दिया गया है।
श्रमपदाधिकारी श्रीमती उज्ज्वल भोई ने बताया कि ई-केवाईसी प्रक्रिया के माध्यम से योजनाओं का लाभ वास्तविक और पात्र श्रमिकों तक सुनिश्चित रूप से पहुंचाया जाएगा। वर्तमान में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के राशन कार्ड डाटा का श्रमिक पंजीयन डाटा से मिलान किया जा रहा है, ताकि हितग्राहियों की पहचान की पुष्टि की जा सके।
सत्यापन प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जा रही है। जिन श्रमिकों के आधार कार्ड और राशन कार्ड विवरण में समानता पाई जाएगी, उनका प्राथमिकता के आधार पर सत्यापन किया जाएगा। वहीं, जहां नाम या अन्य विवरण में आंशिक भिन्नता पाई जाएगी, वहां संबंधित अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन और आवश्यक सुधार किए जाएंगे। वर्तमान में राजनांदगांव जिले में 24,263 श्रमिकों का ई-केवाईसी किया जाना है।
श्रमपदाधिकारी ने बताया कि जिन श्रमिकों के आधार और श्रम कार्ड डाटा में समानता नहीं पाई गई, उनके मोबाइल नंबर पर संबंधित संदेश भेजा जा चुका है। पंजीकृत श्रमिक अपने नजदीकी श्रम कार्यालय—संयुक्त जिला कार्यालय हाल नंबर 2 राजनांदगांव या श्रम संसाधन केन्द्र जनपद पंचायत छुरिया, डोंगरगांव, डोंगरगढ़—पर जाकर अपने आधार की मूल प्रति प्रस्तुत कर निःशुल्क ई-केवाईसी करवा सकते हैं।
ई-केवाईसी पूर्ण करने से श्रमिक सीधे अपने बैंक खाते में योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे और किसी भी प्रकार की दिक्कत से बचा जा सकेगा।
