मोहला। आदिम जाति कल्याण विभाग के आश्रम और छात्रावासों में काम करने वाले दैनिक वेतनभोगी व कलेक्टर दर कर्मचारी 13-14 माह से वेतन से वंचित हैं। वेतन बंद होने से कर्मचारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कई परिवार कर्ज लेकर गुजारा कर रहे हैं, तो कईयों को बच्चों की पढ़ाई और घर खर्च चलाना तक मुश्किल हो गया है।
12 अगस्त को जिला कर्मचारी संघ ने कलेक्टर तुलिका प्रजापति को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें मांग की गई कि लंबित वेतन का भुगतान जल्द किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि एक-दो माह का वेतन रुकना अलग बात है, लेकिन 13-14 माह से लगातार वेतन न मिलना अन्याय है।
संघ पदाधिकारियों का कहना है कि वेतन के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया। अधिकारियों का जवाब है कि रायपुर स्थित आयुक्त, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विभाग से अब तक आवंटन राशि जारी नहीं की गई है, इसी वजह से भुगतान अटका है।
कर्मचारियों ने बताया कि लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण उन्हें साहूकारों से कर्ज लेना पड़ रहा है। कई कर्मचारी तो रोजमर्रा का खर्च भी नहीं उठा पा रहे हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द वेतन नहीं मिला तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिला कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जयसिंग जुरेशिया, उपाध्यक्ष सुरवेश रावटे, सचिव बहादुर सिंह पुरान, कोषाध्यक्ष घनश्याम सिंह निषाद, महिला प्रकोष्ठ की नुकिला दुबे, राम बाई, खिलेश्वरी बाई, यमुना कुलदीप बाई, फुलवना वाल्दे, चित्ररेखा सिन्हा, सांत्री बाई साहू, सविता बोगा समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल रहे।
13 माह से नहीं मिला वेतन, आश्रम-छात्रावास के कर्मचारी कर्ज में डूबे, बोले-अब आंदोलन ही आखिरी विकल्प
