370 अप्रशिक्षित आरक्षकों को मिला नया कानूनों का प्रशिक्षण

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राजनांदगांव। जिले में पुलिसिंग को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, रक्षित केन्द्र राजनांदगांव के मंगल भवन में आज 19 जून 2025 को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य अप्रशिक्षित आरक्षकों को नवीन भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के तहत अद्यतन जानकारी देना रहा।
कार्यशाला में 370 से अधिक अप्रशिक्षित आरक्षकों ने भाग लिया, जिन्हें पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) मुकेश ठाकुर द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।
एसपी मोहित गर्ग ने कहा कि आरक्षक आम नागरिक और कानून व्यवस्था के बीच पहली कड़ी होते हैं। नई कानून संहिताएं नागरिक अधिकारों की रक्षा पर विशेष जोर देती हैं, ऐसे में आरक्षकों को घटनास्थल पर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का सही ढंग से संग्रहण, प्रक्रिया की पारदर्शिता और नागरिक संवाद में संवेदनशीलता बरतनी होगी।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल कानूनों की जानकारी देना नहीं, बल्कि आरक्षकों को संवेदनशील, दक्ष और उत्तरदायी बनाना है, ताकि वे लोगों को नए प्रावधानों की जानकारी देने में भी सक्षम हों।
कार्यशाला में एएसपी मुकेश ठाकुर ने कहा कि समय-समय पर होने वाले विधिक बदलावों से अवगत रहना प्रत्येक आरक्षक के लिए जरूरी है। ऐसे प्रशिक्षण न केवल उनकी कार्यदक्षता बढ़ाते हैं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को भी सशक्त और पारदर्शी बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से आरक्षक न सिर्फ कानूनों की जानकारी से लैस होंगे, बल्कि उन्हें व्यवहार में लाने की जिम्मेदारी भी निभाएंगे।
कार्यक्रम में पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन, लाइव केस स्टडी और संदर्भ आधारित चर्चा के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया।
पुलिस विभाग ने उम्मीद जताई है कि सभी आरक्षक इस प्रशिक्षण से मिली जानकारी को अपने रोजमर्रा के कार्य में आत्मसात करेंगे और नई कानून व्यवस्था के अनुरूप जनहित में बेहतर सेवा देंगे।
कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। पुलिस विभाग ने भविष्य में और भी ऐसे प्रशिक्षण आयोजित करने की बात कही है।