डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन में मॉक ड्रिल का आयोजन, आपात स्थिति से निपटने की तैयारियां पूरी

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डोंगरगढ़। नवरात्रि पर्व को दृष्टिगत रखते हुए डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन में बुधवार को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य संभावित भीड़, भगदड़, आगजनी अथवा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल की वास्तविक परीक्षा करना रहा।

हर साल डोंगरगढ़ में स्थित मां बम्लेश्वरी देवी मंदिर में नवरात्रि के अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु ज्योति कलश स्थापना और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस दौरान नौ दिवसीय मेले का आयोजन भी होता है, जिसमें भारी संख्या में लोग ट्रेन सहित अन्य साधनों से डोंगरगढ़ पहुंचते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखा गया।

मॉक ड्रिल का नेतृत्व एसडीओपी श्री आशिष कुंजाम ने किया। इसमें थाना प्रभारी डोंगरगढ़ उपेन्द्र कुमार शाह, आरपीएफ निरीक्षक प्रशांत अल्डक, जीआरपी निरीक्षक श्रीमती दया कुर्रे, स्टेशन मास्टर गुरुचरण सेठी, डीटीआई हरिहर राणा, सीएचसी डोंगरगढ़ से डॉ. योगेश कन्नौजे, बीडीएस टीम राजनांदगांव, फायर ब्रिगेड एवं अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

इस अभ्यास के दौरान यह दर्शाया गया कि अगर स्टेशन परिसर में आग लग जाए और अत्यधिक भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो, तो किस प्रकार संबंधित विभागों को तत्काल सूचना दी जाए, भीड़ को नियंत्रित किया जाए, आग पर काबू पाया जाए, और घायलों को प्राथमिक उपचार व चिकित्सा सुविधा कैसे तत्काल उपलब्ध कराई जाए।

मौके पर उपस्थित कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई कि घटना स्थल को कैसे सुरक्षित किया जाए, पीड़ितों को कैसे निकाला जाए, और पूरे स्टेशन परिसर में निगरानी कैसे रखी जाए।

इस दौरान अधिकारियों ने विशेष रूप से हिदायत दी कि नवरात्रि मेले के दौरान स्टेशन पर भीड़ की स्थिति में जेबकतरे, चेन स्नैचर और अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए।

यह मॉक ड्रिल पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य, पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राहुल देव शर्मा के आदेशानुसार आयोजित की गई थी, ताकि नवरात्रि जैसे विशाल आयोजन के दौरान किसी भी स्थिति से निपटने में प्रशासन पूरी तरह से तैयार रहे।