रेलवे स्टेशन पर मॉक ड्रिल : आपात स्थिति से निपटने सुरक्षा बलों का संयुक्त अभ्यास

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राजनांदगांव। रेलवे स्टेशन पर आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए गुरुवार को एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र नायक के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ।

ड्रिल का मुख्य उद्देश्य रेलवे स्टेशन पर आगजनी, संदिग्ध वस्तुओं की जांच, घायलों को बचाव एवं त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना था। इस दौरान गाड़ी संख्या 22816 एर्नाकुलम-बिलासपुर एक्सप्रेस में आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने पर यात्रियों को सुरक्षित निकालने का अभ्यास किया गया।

रेलवे स्टेशन के पार्किंग क्षेत्र में भी आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाकर दमकल विभाग ने आग पर काबू पाने का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही कोयला लदी गुड्स ट्रेन में आग लगने की स्थिति का भी रिहर्सल किया गया।

इस अभ्यास में जिला पुलिस बल, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी, डॉग स्क्वॉड, बम स्क्वॉड, अग्निशमन दल, स्वास्थ्य विभाग एवं रेलवे अधिकारियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।

स्टेशन मास्टर श्री राजेश बर्मन, RPF प्रभारी इंस्पेक्टर तरुणा साहू, जीआरपी प्रभारी जनक लाल तिवारी, चिखली थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार नामदेव, तुमड़ीबोड़ थाना प्रभारी दिलीप पटेल, बम स्क्वॉड प्रभारी रमेश कुमार सोनवानी, कोतवाली निरीक्षक योगेश पटेल, फायर स्टेशन प्रभारी विमल दास वैष्णव, फायरमैन राजेश कुमार सिन्हा, बीडीएस टीम के दशरथ, आरक्षक रमेश सोनवानी, डॉग मास्टर अमित यादव, स्वास्थ्य विभाग के रास्टपाल धारगावे एवं जीवनदीप समिति की एम्बुलेंस सेवा की सक्रिय भागीदारी रही।

ड्रिल के दौरान संदिग्ध वस्तुओं की पहचान, यात्रियों की सुरक्षित निकासी, आपदा प्रबंधन और विभिन्न विभागों के बीच त्वरित समन्वय का अभ्यास कराया गया।

पुलिस और रेलवे प्रशासन की ओर से यात्रियों को सतर्कता बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की गई।

अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल समय-समय पर आयोजित की जाती रहेंगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।