हर गांव और वार्ड में दारू भट्टी खोलने की मांग, जीवनदान सेवा संस्था ने सौंपा ज्ञापन

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राजनांदगांव। जिले के प्रत्येक गांव और वार्ड में दारू भट्टी खोलने के लिए जीवनदान सेवा संस्था ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, आबकारी विभाग मंत्री, जिला कलेक्टर और जिला आबकारी विभाग को ज्ञापन सौंपा है। संस्था का कहना है कि नशे के कारोबार में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिसके कारण समाज में अपराध और सड़क दुर्घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है।

संस्था का कहना है कि कई जगहों पर सरकारी दारू भट्टी खोली जाती है, लेकिन क्षेत्रवासी विरोध करते हैं, जिसके बाद वह भट्टी बंद कर दूसरी जगह खोली जाती है। हालांकि, दारू भट्टी बंद नहीं की जाती और कई गांवों और वार्डों में अवैध रूप से दारू बेची जा रही है। इससे अपराधों का ग्राफ बढ़ रहा है, खासकर नशे में वाहन चलाने से सड़क दुर्घटनाओं की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है, जिसमें निर्दोष लोग भी मारे जा रहे हैं।

संस्था ने मांग की है कि प्रत्येक गांव और वार्ड में सरकारी जमीन पर दारू भट्टी खोली जाए, जिसे एक मजबूत निगरानी तंत्र के तहत संचालित किया जाए। इसके लिए बाउंड्री वॉल बनाई जाए और वहां सुरक्षा के लिए पुलिस बल और सरकारी कर्मचारियों की तैनाती की जाए। दारू पीने वाले व्यक्ति का आधार कार्ड चेक किया जाए, और उसे केवल उसी वार्ड में दारू दी जाए, ताकि वह नशे की हालत में दूसरे वार्ड में न जा सके। इसके अलावा, अगर किसी व्यक्ति को अधिक नशा हो, तो पुलिस बल उसे भट्टी में ही रोक ले, ताकि किसी अपराध या दुर्घटना को होने से पहले रोका जा सके।

संस्था ने यह भी सुझाव दिया है कि दारू भट्टी और चखना सेंटर के संचालन का अधिकार केवल स्थानीय लोगों को दिया जाए, जैसे रोजगार गारंटी योजना के तहत काम दिया जाता है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि सरकारी राजस्व में भी वृद्धि होगी। संस्था का मानना है कि इस कदम से प्रत्येक गांव और वार्ड के विकास में मदद मिलेगी और सरकार को किसी भी विरोध का सामना नहीं करना पड़ेगा।

संस्था ने लोगों से अपील की है कि वे जागरूक बनें और समझें कि दारू पीने के बजाय उसे बेचने में ज्यादा मुनाफा है। इससे गांव और वार्ड का पैसा गांव और वार्ड के विकास में लगेगा, और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।

संस्था ने इस कदम को नशे के कारोबार को नियंत्रित करने, अपराधों को कम करने और गांवों व वार्डों के समग्र विकास के लिए एक सकारात्मक पहल बताया है।

संस्था का कहना है कि इस तरह के कदम से न केवल सरकार को फायदा होगा, बल्कि पूरे समाज को भी सुरक्षित और बेहतर माहौल मिलेगा।