साल में तीन बार स्वरूप बदलता बेलदार सिवनी का ‘धरतीफोड़ महादेव’ शिवलिंग

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तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा से गूंजा पूरा क्षेत्र

खरोरा (नांदगाँव टाइम्स )। तिल्दा ब्लॉक के बेलदार सिवनी गांव में स्थित प्राचीन शिव मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां स्थापित अद्भुत शिवलिंग अपनी अनोखी विशेषता के कारण दूर-दराज तक प्रसिद्ध है। स्थानीय लोग इसे ‘धरतीफोड़ महादेव’ के नाम से जानते हैं, क्योंकि मान्यता है कि यह शिवलिंग वर्ष में तीन बार अपना स्वरूप बदलता है।

खरोरा से लगभग 5 किलोमीटर उत्तर-पूर्व दिशा में बसे इस करीब 5 हजार आबादी वाले गांव का यह मंदिर कितना प्राचीन है, इसका सटीक इतिहास किसी के पास नहीं है। गांव के बुजुर्ग भी इसकी आयु का अनुमान नहीं लगा पाते, जिससे इसकी रहस्यमयी प्राचीनता और भी बढ़ जाती है।

साल में तीन बार बदलता है स्वरूप

इस शिवलिंग की सबसे बड़ी विशेषता इसका मौसमानुसार बदलता रूप है— •गर्मी में शिवलिंग बीच से दो भागों में विभक्त हो जाता है, जिसमें अर्धनारीश्वर स्वरूप की झलक स्पष्ट दिखाई देती है तथा सतह खुरदुरी हो जाती है। •सावन में यह पुनः पूर्ण आकृति धारण कर लेता है, जिसे ग्रामीण ‘जड़ महादेव’ कहते हैं। •सर्दियों में शिवलिंग का रंग गहरा काला होकर सतह चिकनी व तैलीय दिखाई देने लगती है। श्रद्धालु इसे चमत्कारिक स्वरूप मानकर दूर-दूर से दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

शिव कुंड और द्वादश ज्योतिर्लिंग की आस्था

मंदिर परिसर के चारों ओर लगभग 1000 वर्गफीट में फैला पवित्र कुंड स्थित है, जिसे अब ‘शिव कुंड’ नाम दिया गया है। मान्यता है कि सावन माह में इसकी गंदगी स्वतः समाप्त हो जाती है। कुंड के मध्य लक्ष्मी-नारायण की प्रतिमा तथा चारों ओर द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दर्शन श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराते हैं।

नशामुक्त गांव की मिसाल

बेलदार सिवनी गांव अपनी पूर्ण शराबबंदी के लिए भी जाना जाता है। वर्षों पहले ग्रामवासियों ने सामूहिक निर्णय लेकर शराब के क्रय-विक्रय पर रोक लगाई, जिसकी परंपरा आज भी कायम है।

ग्रामीणों के सहयोग से हुआ भव्य जीर्णोद्धार

मंदिर की सुरक्षा व संरक्षण की जिम्मेदारी ग्रामीणों ने स्वयं उठाई है। पूर्व सरपंच एवं वर्तमान जनपद सदस्य मुकेश वर्मा के संकल्प और स्थानीय दानदाताओं के सहयोग से बीते 2–3 वर्षों में मंदिर का भव्य पुनर्निर्माण किया गया। निर्माण समिति के अध्यक्ष थनवार वर्मा सहित अनेक सदस्यों ने इसमें सक्रिय भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप आज यहां एक आकर्षक एवं मनोहारी मंदिर परिसर तैयार हो चुका है।

तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा समारोह

मंदिर में देवी-देवताओं की प्राण-प्रतिष्ठा हेतु तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन सम्पन्न हुआ— • 5 फरवरी: भव्य कलश यात्रा • 6 फरवरी: वेदी पूजन व आधिवास यज्ञ • 7 फरवरी: प्राण-प्रतिष्ठा, हवन-पूजन, पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारासमारोह में विधायक अनुज शर्मा, पूर्व विधायक अनीता योगेंद्र शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, जनपद अध्यक्ष टिकेश्वर मनहरे और अनिल कुर्मी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।

महाशिवरात्रि पर लगेगा विशाल मेला

आगामी 15 फरवरी महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर परिसर में विशाल मेले एवं 14-15 फरवरी की रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन प्रस्तावित है। श्रद्धालुओं ने परिसर स्थित कुंड में म्यूजिकल फाउंटेन की मांग भी शासन से की है, जिससे मंदिर की भव्यता और बढ़ सके।

धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र बना यह मंदिर आज बेलदार सिवनी की पहचान बन चुका है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना भगवान भोलेनाथ अवश्य पूर्ण करते हैं।