राजनांदगांव। आगामी जनगणना 2027 के सफल संचालन के लिए आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में प्रथम चरण के द्वितीय दिवस का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने जनगणना की प्रक्रिया, हाउस लिस्टिंग, हाउसिंग सर्वे और मैपिंग के विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों को विस्तार से जानकारी दी।
सुश्री सिंह ने अधिकारियों को बताया कि जनगणना के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता और निष्पक्षता का पालन किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने डिजिटल माध्यम से डेटा संग्रहण, घर-घर सर्वेक्षण और गोपनीयता बनाए रखने के बारे में भी निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि सभी कार्य समयबद्ध तरीके से किए जाएं।
राज्य स्तरीय ट्रेनर सहायक निदेशक कविन्द्र कुमार रंगारी ने जनगणना 2027 के कार्यों की बारीकियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि जनगणना का कार्य जिले में दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में मकानों का सूचीकरण और गणना किया जाएगा, जबकि द्वितीय चरण फरवरी 2027 में संपन्न होगा। इस बार जनगणना डिजिटल रूप से मोबाइल एप के माध्यम से होगी, जो भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी।
प्रशिक्षण में राज्य स्तरीय ट्रेनर्स ने मोबाइल एप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से डेटा संकलन की विधि, लेआउट मानचित्र और सर्वे के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार से सटीक और अद्यतन जानकारी एकत्र करना महत्वपूर्ण है ताकि सरकारी योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन वास्तविक आंकड़ों पर आधारित हो।
प्रशिक्षण सत्र में जनगणना कार्य के दौरान उत्पन्न हो सकने वाली चुनौतियों पर चर्चा की गई और अधिकारियों को प्रायोगिक अभ्यास के माध्यम से फॉर्म भरने की प्रक्रिया को समझाया गया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा, आयुक्त नगर पालिका अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम एम भार्गव, एसडीएम श्रीकांत कोर्राम, एसडीएम गौतम पाटिल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनगणना 2027 के लिए अधिकारियों को तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
