राजनांदगांव में शासकीय विज्ञापन बोर्ड पर उठे सवाल, अशोक फड़णवीस ने लगाए गंभीर आरोप

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राजनांदगांव। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की योजनाओं के प्रचार के लिए लगाए गए शासकीय विज्ञापन बोर्ड को लेकर नया विवाद उत्पन्न हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नगर निगम चेयरमैन अशोक फडणवीस ने जनसंपर्क विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा है कि योजनाओं के प्रचार के लिए जो विज्ञापन बोर्ड लगाए गए थे, वे धरातल पर कहीं नहीं दिखाई दिए। फडणवीस का कहना है कि विभाग ने केवल फोटो खींचने और कागजी कार्रवाई करने तक ही सीमित रखा, जबकि असल में किसी स्थान पर स्थायी बोर्ड लगाए ही नहीं गए।
फडणवीस ने इस संबंध में एक वीडियो भी प्रस्तुत किया है, जिसमें दावा किया गया कि 21 फरवरी को मुख्यमंत्री के जन्मदिन के मौके पर आंबेडकर चौक के पास एक मालवाहक वाहन में शासकीय योजनाओं के विज्ञापन बोर्ड लाए गए थे। लेकिन, इन बोर्डों को कुछ ही मिनटों के लिए चौक पर खड़ा किया गया और फिर फोटो खींचने के बाद उन्हें तुरंत वापस वाहन में रख लिया गया। यही प्रक्रिया अन्य प्रमुख स्थानों जैसे कलेक्टर कार्यालय मार्ग, वीआईपी मार्ग, ममता नगर और दिग्विजय स्टेडियम मार्ग पर भी अपनाई गई।
फडणवीस ने दावा किया कि उन्होंने खुद शहर के प्रमुख चौक-चौराहों का निरीक्षण किया, लेकिन कहीं भी स्थायी रूप से शासकीय विज्ञापन बोर्ड नहीं पाए गए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह सब जनसंपर्क विभाग की जानकारी के बिना हुआ है, और क्या अन्य जिलों में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई है।
श्री फडणवीस ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया कि 21 फरवरी की सुबह 7.00 से 7.30 बजे के बीच आंबेडकर चौक क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाए, ताकि इस बात की पुष्टि की जा सके कि उस दिन क्या गतिविधियाँ हुईं।
अगर वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की पुष्टि हो जाती है, तो यह जनसंपर्क विभाग की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर सकता है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले की गंभीरता को समझते हुए क्या कदम उठाता है और क्या जांच होती है या नहीं।