बलरामपुर में 5 एकड़ में लहलहाती अफीम की खेती उजागर, भाजपा नेता का नाम आया सामने — 5 गिरफ्तार

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बलरामपुर (नांदगाँव टाइम्स)। छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध खेती का एक और बड़ा मामला सामने आया है। दुर्ग के बाद अब बलरामपुर जिले के कुसमी थाना क्षेत्र के अंतर्गत त्रिपुरी के सरनाटोली गांव से दूर जंगल की आड़ में करीब 5 एकड़ भूमि पर अफीम की खेती पकड़ी गई है। खेत में अफीम के डोडे पूरी तरह तैयार अवस्था में थे और उनमें चीरे भी लगाए गए थे, जिससे स्पष्ट है कि अफीम का दोहन किया जा रहा था।

फूलों की खेती के नाम पर हुआ खेल

पूरे मामले में चौंकाने वाला पहलू यह है कि झारखंड के लोगों ने स्थानीय किसानों को औषधीय और फूलों की खेती का झांसा देकर उनकी जमीन लीज पर ली थी। इस काम में जशपुर जिले के ग्राम राझाडीपा निवासी, भाजपा नेता और पूर्व सरपंच जिरमल राम का नाम बिचौलिए के रूप में सामने आया है। खेतों की देखभाल के लिए झारखंड से लाए गए 5-6 लोग खेत के पास झोपड़ी बनाकर रहते थे। पुलिस ने इनमें से 5 लोगों को हिरासत में ले लिया है।

पुलिस को मिले भारी मात्रा में सूखे डोडे

मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने करीब पांच बोरा सूखे डोडे जब्त किए, जिनमें खसखस भरे हुए थे। खड़ी फसल के डोडों पर 4 से 5 चीरे तक पाए गए। बलरामपुर कलेक्टर राजेंद्र कटारा और एसपी वैभव बैंकर भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई है।

भूपेश बघेल का सरकार पर हमला

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा —“फिर पकड़ी गई अफ़ीम! दुर्ग तो महज़ पर्दाफ़ाश की शुरुआत थी। यह कारोबार मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के संरक्षण में चल रहा है।”बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि दुर्ग में जो भाजपा नेता अफीम की खेती करते पकड़ा गया था, उसे विष्णुदेव सरकार ने मुख्य आरोपी तक नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि “पूरी भाजपा इस नशे के कारोबार में लिप्त है।”