ग्रुड फ्राईडे पर ईसाई समुदाय ने प्रभु यीशु के बलिदान को याद किया

Share This :

राजनांदगांव। ईसाई धर्मावलंबियों ने ग्रुड फ्राईडे के अवसर पर प्रभु यीशु को सूली पर लटकाए जाने की घटना को याद करते हुए उनकी तपस्या और बलिदान को सम्मानित किया। हर साल इस दिन मसीह समाज इसे बलिदानी दिवस के रूप में मनाता है।

स्थानीय गिरजाघरों में समाज के लोग नम आंखों से प्रभु यीशु को नमन कर प्रार्थना में शामिल हुए। मानव कल्याण और त्याग का प्रतीक माने जाने वाले प्रभु के बलिदान को याद करते हुए समाज ने करीब 40 दिन के कठिन उपवास और तपस्या की परंपरा को भी निभाया। इस अवसर पर स्थानीय पास्टर और फादर समाज के लोगों को प्रभु के सात वचनों का पठन कर उनके जीवन और त्याग से अवगत कराते रहे।

स्थानीय चर्चों में प्रार्थना
वाईनियर, मेनोनाईट, गौरीनगर स्थित मसीह मंदिर और मार्थोमा चर्च में सुबह से ही विशेष प्रार्थना का सिलसिला चला। ईसाई धर्मावलंबियों ने प्रभु के बलिदान, तपस्या और मानव हित के लिए उनके त्याग को याद करते हुए समाज के सामूहिक भक्ति में भाग लिया।

रविवार को ईस्टर पर्व
गुडफ्राईडे के बाद रविवार को समाज ईस्टर पर्व मनाएगा। ईस्टर के अवसर पर प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने की खुशी में कब्रिस्तान में पूर्वजों को याद किया जाएगा। दिवंगत माता-पिता और बुजुर्गों की कब्रों का रंग-रोगन किया जाएगा और भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी। समाज इस पर्व को उल्लासपूर्वक और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाता है।