राजनांदगांव। सेवा सहकारी समिति मोहारा में हुए 30.86 लाख रुपये के धान गबन और हेराफेरी के मामले में मोहारा चौकी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने समिति से अनाधिकृत (अवैध) रूप से धान खरीदने वाले आरोपी यशवंत वर्मा उर्फ राजू वर्मा को धरदबोचा है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके ग्राम खैरी स्थित मकान से अवैध रूप से खरीदी गई 160 कट्टा धान भी जब्त की है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
फर्जी ‘सूखत’ दिखाकर अफसरों को दिया धोखा, ऐसे खुला राज
सहायक खाद्य अधिकारी डोंगरगढ़ की शिकायत के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2025-2026 (15 नवंबर 2025 से 13 मई 2026) के दौरान मोहारा उपार्जन केंद्र में कुल 1,12,831.60 क्विंटल धान की ऑनलाइन खरीदी दर्ज की गई थी। नियमों के तहत यह पूरा धान राइस मिलर्स को दिया जाना था।
लेकिन, मोहारा समिति के प्रभारी प्रबंधक संतोष वर्मा और कंप्यूटर ऑपरेटर वेदप्रकाश साहू ने मिलकर बड़ा खेल कर दिया। उन्होंने मिलर्स को केवल 1,11,835.92 क्विंटल धान का ही परिदान किया और शेष 995.68 क्विंटल धान (कीमत 30,86,608 रुपये) को फर्जी तरीके से ‘सूखत’ (नमी के कारण वजन कम होना) दर्शा दिया। इस तरह आरोपियों ने शासकीय संपत्ति का गबन कर शासन को लाखों रुपये का चूना लगाया।
जांच के दौरान रंगेहाथ पकड़ाया मामला
खाद्य विभाग की टीम ने जब 13 मई 2026 को केंद्र की जांच की, तो हैरान करने वाला खुलासा हुआ। समिति द्वारा जिस धान को रिकॉर्ड में ‘सूखत’ बताकर गायब कर दिया गया था, उसे बिना किसी वैध दस्तावेज के अनाधिकृत व्यक्ति राजू वर्मा को अवैध रूप से बेचा जा रहा था। विभाग की रिपोर्ट पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(5) और 3(5) के तहत जुर्म दर्ज किया था।
कड़ाई से पूछताछ में उगला राज, पुलिस ने दी दबिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के मार्गदर्शन, एएसपी कीर्तन राठौर एवं एसडीओपी डोंगरगढ़ केसरी नंदन नायक के दिशा-निर्देश पर पुलिस ने आरोपी यशवंत उर्फ राजू वर्मा को हिरासत में लिया। जब पुलिस और साइबर सेल की टीम ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने समिति प्रबंधक से अवैध धान खरीदना स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसके घर पर छापा मारकर 160 कट्टा धान बरामद कर लिया।
इन्होंने की बड़ी कार्रवाई:
इस हाईप्रोफाइल गबन मामले के आरोपी को दबोचने में मोहारा चौकी प्रभारी उप निरीक्षक सुमेंद्र कुमार खरे, साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक नरेश बंजारे, मोहारा पुलिस चौकी स्टाफ और साइबर सेल की टीम की मुख्य भूमिका रही। पुलिस अब मामले के अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
