राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ प्रदेश में लगातार बढ़ रहे दुष्कर्म और हत्या के मामलों को लेकर आम जनता और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश है। बेटियों के साथ हो रही क्रूरता और जघन्य अपराधों पर अंकुश लगाने, कानून व्यवस्था को सख्त करने और अपराधियों को मृत्युदंड देने की मांग को लेकर जीवनदान सेवा संस्था ने मोर्चा खोल दिया है। संस्था ने पीड़ित परिवारों और ग्रामीणों के साथ मिलकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, राज्यपाल, मुख्य सचिव, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन सौंपा है।
जीवनदान सेवा संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी संस्था साल 2020 से बेटियों की सुरक्षा और उन्हें न्याय दिलाने के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। संस्था के प्रयासों से पूर्व में राजनांदगांव जिला न्यायालय ने दो बलात्कारियों को फांसी की सजा सुनाई थी। लेकिन बिलासपुर हाईकोर्ट में एक अपराधी को आदिवासी अनुसूचित जनजाति का होने का हवाला देकर और दूसरे को रेयर ऑफ रेयरेस्ट (दुर्लभ से दुर्लभतम) की श्रेणी में नहीं मानते हुए सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया गया। संस्था का कहना है कि हमारी न्याय व्यवस्था से किसी न किसी तरह अपराधियों को मिलने वाली ऐसी रियायतों के कारण ही उनके हौसले बुलंद हो रहे हैं और अपराध बढ़ रहे हैं।
संस्था ने लोगों को जागरूक करते हुए रायपुर के मंदिर हसौद थाने के अंतर्गत दो वर्ष पूर्व रक्षाबंधन के दिन हुई दिलदहला देने वाली घटना का जिक्र किया। वहां दो सगी बहनों के साथ उनके मंगेतर के सामने दुष्कर्म किया गया था, जिसके आरोपी घटना से महज 14 दिन पहले ही एक अन्य दुष्कर्म के मामले में जेल से बाहर आए थे।
इसके साथ ही ज्ञापन में प्रदेश में हाल ही में हुई कई वीभत्स घटनाओं को रेखांकित किया गया, जिसमें ठेलकाडीह (राजनांदगांव) में करीब एक माह पूर्व एक 13 वर्षीय बच्ची और 26 वर्षीय युवती की निर्मम हत्या, रायगढ़ में पति के सामने पत्नी के साथ अनाचार, दुर्ग में 5 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसे बोरे में भरकर खंडहर में फेंकना एवं अंबिकापुर में दिल्ली के निर्भया कांड जैसी खौफनाक वारदात को अंजाम देना शामिल है।
ठेलकाडीह थाना क्षेत्र सहित पूरे छत्तीसगढ़ की बेटियों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से सौंपे गए इस ज्ञापन के दौरान भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे। इस आंदोलन में पीड़ित परिवारों के साथ पूरे ग्रामवासी, जीवनदान सेवा संस्था के सदस्यए हिंदू जागरण मंच के जिला प्रमुख सुशील लड्ढा की टीम और जिला लोधी समाज के अध्यक्ष उत्तम जंघेल के नेतृत्व में लोधी समाज के लोग मुख्य रूप से शामिल हुए।
संस्था ने चेतावनी दी है कि ऐसे संवेदनशील मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर दरिंदों को तुरंत फांसी दी जाए। न्याय व्यवस्था में सुधार बेहद जरूरी है, अन्यथा आने वाले समय में संस्था आम जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी। संस्था ने सभी माता-पिता से भी अपील की है कि वे अपनी बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आगे आएं और ऐसी घटनाओं के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएं।
बेटियों से दरिंदगी और हत्या के मामलों में अपराधियों को मिले मृत्युदंड, जीवनदान सेवा संस्था ने सौंपा ज्ञापन
