जिला जेल राजनांदगांव और डोंगरगढ़ उप जेल ‘नो फ्लाई जोन’ घोषित, परिसर के ऊपर ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी

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राजनांदगांव। आधुनिक तकनीक और ड्रोन के जरिए जेलों की सुरक्षा में होने वाली संभावित सेंध को रोकने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जितेन्द्र यादव ने एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए जिला जेल राजनांदगांव और उप जेल डोंगरगढ़ के संपूर्ण परिसर क्षेत्र को ‘नो फ्लाईंग जोन’ (ड्रोन प्रतिबंधित क्षेत्र) घोषित कर दिया है। अब इन दोनों जेल परिसरों के ऊपर या आसपास किसी भी तरह का ड्रोन उड़ाना पूरी तरह गैर-कानूनी होगा।

क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं रायपुर के निर्देशों के बाद दोनों जेलों के प्रभारियों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। दरअसल, जेल अधीक्षक (जिला जेल राजनांदगांव) और सहायक जेल अधीक्षक (उप जेल डोंगरगढ़) द्वारा जिला प्रशासन से यह विशेष अनुरोध किया गया था।

जेलों के भीतर बंद कैदियों की संवेदनशीलता को देखते हुए बाहरी तत्वों द्वारा ड्रोन से रेकी करने, सुरक्षा व्यवस्था में खलल डालने या किसी भी प्रकार की अप्रिय और अवैधानिक गतिविधियों को अंजाम देने का खतरा बना रहता है। इसी सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जेल अधिकारियों ने पूरे भू-भाग को नो फ्लाई जोन बनाने की मांग की थी, जिस पर जिला दण्डाधिकारी ने मुहर लगा दी है।

आदेश का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जितेन्द्र यादव ने स्पष्ट किया है कि जेलों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस आदेश के लागू होने के बाद यदि कोई भी व्यक्ति, वीडियोग्राफर या संस्था जेल परिसर की तय सीमा के भीतर ड्रोन उड़ाते हुए पकड़ी जाती है, तो उसके खिलाफ सुरक्षा नियमों और कानून व्यवस्था के उल्लंघन के तहत सख्त दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी और ड्रोन को तत्काल जब्त कर लिया जाएगा।