प्रशासन की पहल पर मिटा मनमुटाव : ग्राम सलोनी में सामाजिक बहिष्कार का हुआ सुखद अंत, मिल-जुलकर रहने पर दोनों पक्ष राजी

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राजनांदगांव। डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम सलोनी में बीते कुछ समय से चल रहा सामाजिक बहिष्कार का विवाद प्रशासन की सूझबूझ और त्वरित पहल से पूरी तरह सुलझ गया है। गांव के ही समाज और ग्राम समिति की बैठक में अधिकारियों द्वारा दी गई समझाइश के बाद दोनों पक्ष आपसी कड़वाहट भूलकर दोबारा गले मिल गए। ग्रामीणों ने न सिर्फ पीड़ित परिवारों का बहिष्कार तत्काल प्रभाव से खत्म किया, बल्कि भविष्य में गांव के किसी भी नागरिक को इस तरह समाज से अलग-थलग न करने का बड़ा संकल्प भी लिया।

‘समाज से अलग होने पर आ रही थीं कई मुश्किलें’
मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्राम सलोनी निवासी श्री लेखराम वर्मा एवं अन्य पांच ग्रामीणों ने इस अमानवीय प्रथा के खिलाफ कलेक्टर कार्यालय में न्याय की गुहार लगाते हुए आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदकों ने प्रशासन को अपनी पीड़ा बताते हुए कहा था कि समाज द्वारा उनका हुक्का-पानी बंद कर (सामाजिक बहिष्कार) गांव से पूरी तरह अलग कर दिया गया है। इसके चलते उन्हें खेती-किसानी के काम, तीज-त्योहारों, वैवाहिक आयोजनों सहित अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में भारी मानसिक और व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

प्रशासन का कड़ा रुख:

“किसी भी नागरिक का सामाजिक बहिष्कार करना कानूनन और मानवीय रूप से गलत है। कलेक्टर महोदय के निर्देश पर तत्काल दोनों पक्षों को बैठाकर मामले का पटाक्षेप कराया गया है।” – अमिय श्रीवास्तव, तहसीलदार

अधिकारियों ने गांव पहुंचकर ली चौपाल, कराया समझौता
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर जाकर निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर के आदेश पर तहसीलदार श्री अमिय श्रीवास्तव, थाना प्रभारी (टीआई) सुमन जायसवाल और अतिरिक्त तहसीलदार श्री सोनित मेरिया तुरंत ग्राम सलोनी पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में गांव की सामाजिक एवं ग्राम समिति की एक आपात बैठक बुलाई गई।

बैठक में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और उन्हें कानून व आपसी भाईचारे की समझाइश दी। अधिकारियों की समझाइश का सकारात्मक असर हुआ और उभयपक्षों (दोनों पक्षों) ने हंसते-मुस्कुराते हुए सामाजिक बहिष्कार को समाप्त करने पर अपनी लिखित सहमति दे दी। दोनों पक्षों ने अधिकारियों के सामने वादा किया कि वे पूर्व की तरह ही गांव में मिल-जुलकर और भाईचारे के साथ रहेंगे।