जनांदगांव। जिले में अवैध प्लाटिंग और बिना अनुमति के धड़ल्ले से चल रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। राजनांदगांव तहसीलदार प्यारेलाल नाग के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने ग्राम बघेरा और झुराडबरी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान न सिर्फ मौके पर अवैध संरचनाओं को ध्वस्त किया गया, बल्कि पदीय दायित्वों में लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित हल्के के पटवारी को कारण बताओ (शो कॉज) नोटिस जारी कर दो दिनों के भीतर जवाब तलब किया गया है।
मौके पर ढहाई गईं अवैध संरचनाएं
मिली जानकारी के अनुसार, तहसीलदार प्यारेलाल नाग की अगुवाई में राजस्व अमले ने ग्राम बघेरा और झुराडबरी के विभिन्न खसरा नंबरों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान बड़े पैमाने पर बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के अवैध प्लाटिंग, बाउंड्रीवाल का निर्माण, गेट, तार फेंसिंग और मकानों का निर्माण कार्य होता पाया गया। प्रशासन की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके पर ही इन अवैध संरचनाओं को हटाने और ध्वस्त करने की सख्त कार्रवाई की।
इन खसरा नंबरों पर हुई कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान जिन जमीनों पर अवैध निर्माण और प्लाटिंग पाई गई, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
बघेरा-झुराडबरी क्षेत्र के खसरा नंबर: 492/2, 493/2, 494, 415, 505/2, 500/1, 510/1, 510/4, 511/1, 512/1, 505/3, 510/3, 503/1, 510/2, 511/3, 502/1, 504/3, 513/1, 513/2, 513/3, 500, 415/1, 410/2, 410/5, 344/1, 316/1, 334/1, 334/2, 334/3, 335/1, 335/2, 336, 337, 339/1, 340, 342, 343/1, 343/2, 345/1 एवं 345/2।
2-3 साल से चल रहा था खेल, पटवारी ने साधी चुप्पी
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि उक्त जमीनों पर यह अवैध निर्माण कार्य पिछले 2 से 3 वर्षों से लगातार किया जा रहा था। इतने लंबे समय तक अवैध गतिविधियां चलने के बावजूद संबंधित पटवारी द्वारा उच्च अधिकारियों को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई। इसे पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही और नियमों के विरुद्ध माना गया है।
दो दिन में देना होगा जवाब
लापरवाही के इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार ने पटवारी हल्का नंबर 18 के पटवारी श्री धनसिंग कोमरे को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे 2 दिवस के भीतर स्वयं उपस्थित होकर या लिखित माध्यम से अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ नियमानुसार एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
