राजनांदगांव। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने निजी स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित प्राचार्यों की बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं अध्ययन के अनुकूल माहौल हर हाल में उपलब्ध कराया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि सभी स्कूलों में आधार सत्यापन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर दो दिनों के भीतर पूर्ण किया जाए। निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्कूल द्वारा अभिभावकों को पाठ्यपुस्तक या गणवेश किसी विशेष फर्म से खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। सभी शैक्षणिक संस्थानों को शासन के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
कलेक्टर ने आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों को प्रवेश देकर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह स्कूलों की नैतिक जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के विद्यार्थियों को आईआईटी, नीट एवं एनआईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में अधिक से अधिक चयनित कराने के लिए योजनाबद्ध तरीके से तैयारी कराई जाए। इससे अन्य विद्यार्थियों में भी प्रेरणा बढ़ेगी।
बैठक में उन्होंने स्कूलों में समन्वय समिति गठन, बच्चों की सुरक्षा, गुड टच-बैड टच की जानकारी, स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण एवं नव्या अभियान के तहत जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने फीस वृद्धि को लेकर भी सख्ती दिखाते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की फीस वृद्धि शासन के मापदंडों के अनुसार ही हो तथा इसका अनुमोदन जिला एवं विकासखंड स्तरीय समिति से अनिवार्य रूप से लिया जाए। शिकायत मिलने पर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी स्कूल परिसर के 100 मीटर दायरे को तंबाकू निषेध क्षेत्र के रूप में सख्ती से लागू किया जाए।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल, डिप्टी कलेक्टर श्री अनिकेत साहू, श्री विश्वास कुमार सहित निजी स्कूलों के प्राचार्य उपस्थित रहे।
