डोंगरगांव। शादी का झांसा देकर नाबालिग और बालिग युवतियों को अपने प्रेमजाल में फंसाने और उनके साथ दुष्कर्म करने वाले एक शातिर आरोपी को डोंगरगांव पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को पुलिस विभाग से जुड़ा बताकर युवतियों को डराता-धमकाता था और शारीरिक संबंध बनाने के बाद उनसे पैसों की उगाही भी करता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
महिला एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में त्वरित व प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में डोंगरगांव थाने में एक नाबालिग और एक बालिग युवती ने आरोपी तरुण सेन के खिलाफ अलग-अलग समय व स्थानों पर दुराचार करने की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला अत्यंत संवेदनशील होने के कारण पुलिस अधीक्षक ने तत्काल आरोपी को राउंडअप करने के निर्देश दिए।
दो अलग-अलग मामले हुए दर्ज
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर व नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती मंजूलता बाज के मार्गदर्शन में डोंगरगांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ दो अलग-अलग अपराध दर्ज किए।
पहला मामला: अपराध क्रमांक 197/2026 के तहत बीएनएस की धारा 69, 351(1) और 308(1) के तहत पंजीबद्ध किया गया।
दूसरा मामला (नाबालिग): अपराध क्रमांक 198/2026 के तहत बीएनएस की धारा 137(2), 64(2)(एम), 308(1), 351(1) और 4, 6 पॉक्सो एक्ट के तहत कायम किया गया।
घेराबंदी कर 24 घंटे के भीतर दबोचा
पीड़िताओं ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी तरुण सेन (22 वर्ष), पिता तुलसी सेन, निवासी ग्राम माथलडबरी (थाना डोंगरगांव), उन्हें शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक संबंध बनाता था और बाद में बदनाम करने की धमकी देकर पैसों की मांग करता था।
दोनों मामलों में एक ही आरोपी होने और अपराध की गंभीरता को देखते हुए डोंगरगांव थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी की और 24 घंटे के भीतर आरोपी तरुण सेन को हिरासत में ले लिया। पुलिस अभिरक्षा में कड़ी पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
इस टीम की रही सराहनीय भूमिका
इस अंधे कृत्य का पर्दाफाश करने और आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने में डोंगरगांव थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, सहायक उपनिरीक्षक देवकुमार रावटे, प्रधान आरक्षक संदीप देशमुख, महिला प्रधान आरक्षक ललिता तुलावी, महिला आरक्षक राजकुमारी रत्नाकर और भूमिका यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
