राजनांदगांव। राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बालाजी राव ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में चार जिलों के नवपदस्थ प्रशिक्षु उप निरीक्षकों की परिचयात्मक बैठक लेकर उन्हें प्रशिक्षण अवधि के दौरान पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य सीखने के लिए प्रेरित किया। बैठक में राजनांदगांव, कबीरधाम, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के कुल 40 प्रशिक्षु उप निरीक्षक शामिल हुए।
बैठक में आईजी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को पुलिसिंग के विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत निर्धारित कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीट आरक्षक, संत्री ड्यूटी, मुल्जिम पेशी, गश्त, मालखाना, लोक अभियोजन, न्यायालयीन कार्य, जेल संबंधी कार्य तथा थाना प्रभारी के स्वतंत्र प्रभार जैसे विषयों को गंभीरता से सीखने पर जोर दिया।
आईजी बालाजी राव ने कहा कि वर्तमान समय में पारंपरिक पुलिसिंग के साथ डिजिटल पुलिसिंग का महत्व तेजी से बढ़ा है। प्रशिक्षु अधिकारियों को नेटग्रिड, क्राइमेक, सीसीटीएनएस, ई-साक्ष्य, ई-मालखाना, ई-रोजनामचा, ई-चार्जशीट और आईसीजेएस जैसी आधुनिक प्रणालियों का व्यवहारिक ज्ञान हासिल करना चाहिए। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा साइबर अपराधों की चुनौतियों से निपटने के लिए स्वयं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की सलाह दी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, रक्षित निरीक्षक लोकेश कसेर, कबीरधाम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पीतांबर पटेल तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश गौतम भी उपस्थित रहे।
आईजी ने कहा कि प्रशिक्षण काल में सीखी गई कार्यशैली ही भविष्य में एक कुशल और संवेदनशील पुलिस अधिकारी की पहचान बनेगी। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से जनता के प्रति जवाबदेह और कानून के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए सेवा भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
