राजनांदगांव में कोचिंग सेंटरों पर पुलिस का छापा, फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों की सघन पड़ताल

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राजनांदगांव। दिल्ली के कोचिंग सेंटर हादसे से सबक लेते हुए राजनांदगांव पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। पुलिस अधीक्षक श्री अंकिता शर्मा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर के नेतृत्व में सोमवार को शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर एक विशेष औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई से कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया।

तीन थाना क्षेत्रों के 12 संस्थानों में दबिश
विशेष अभियान के तहत पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के प्रमुख शैक्षणिक हब कहे जाने वाले थाना कोतवाली, बसंतपुर एवं चिखली क्षेत्र के लगभग 12 कोचिंग संस्थानों का सघन निरीक्षण किया। इस कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक उपेंद्र शाह, बसंतपुर थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू सहित पुलिस लाइन के करीब 25 अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।

इन सुरक्षा मानकों की हुई बारीकी से जांच
पुलिस टीम ने कोचिंग सेंटरों के भीतर जाकर निम्नलिखित सुरक्षा बिंदुओं का सूक्ष्मता से परीक्षण किया:

अग्निशमन उपकरण: संस्थानों में फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशमन यंत्र) चालू हालत में हैं या नहीं।

निकास मार्ग: आपातकालीन निकास (Emergency Exit) और आपातकालीन खिड़कियों की उपलब्धता।

इलेक्ट्रिक ऑडिट: विद्युत वायरिंग की स्थिति, शॉर्ट सर्किट से बचाव के उपकरण और ओवरलोडिंग की जांच।

रास्ते और सीढ़ियां: आपात स्थिति में भगदड़ से बचने के लिए सीढ़ियों और निकासी मार्गों की चौड़ाई एवं सुगमता।

लापरवाही मिलने पर सील होंगे संस्थान, दी कड़ी चेतावनी
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने सभी कोचिंग संचालकों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि वे अपने संस्थानों में निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें।

अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा कि:
“संस्थानों में पर्याप्त संख्या में कार्यशील फायर एक्सटिंग्विशर, स्पष्ट निकास मार्ग और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर संस्थानों को सील भी किया जा सकता है।”

सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रतिबद्ध
मामले में पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि छात्र-छात्राओं की जिंदगी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। राजनांदगांव पुलिस विद्यार्थियों एवं आमजन की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में भी इस तरह के औचक निरीक्षण और विशेष अभियान निरंतर जारी रहेंगे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।