विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर जिला चिकित्सालय में संगोष्ठी, बीमारी के लक्षण और बचाव की दी जानकारी

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राजनांदगांव। विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर मंगलवार को जिला चिकित्सालय बसंतपुर में जिला स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हेपेटाइटिस के लक्षण, उपचार और बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए समय पर जांच और टीकाकरण कराने पर जोर दिया।

संगोष्ठी में एमडी मेडिसिन डॉ. खुमान सिंह मंडावी ने हेपेटाइटिस के उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं जिला नोडल अधिकारी डॉ. बीएल तुलावी ने बताया कि हेपेटाइटिस-बी के प्रमुख लक्षणों में बुखार, त्वचा पर चकत्ते, भूख कम लगना, थकान, अवसाद, गठिया और जोड़ों में दर्द शामिल हैं। जबकि हेपेटाइटिस-सी में थकान, अनिद्रा, पैरों में सूजन, त्वचा में खुजली और गहरे रंग का पेशाब जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

विशेषज्ञों ने बताया कि संक्रमित रक्त के संपर्क से बचना, व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं साझा नहीं करना, घाव को सुरक्षित ढंककर रखना, संक्रमित इंजेक्शन का उपयोग नहीं करना, सुरक्षित यौन व्यवहार अपनाना तथा संक्रमित गर्भवती महिला के नवजात का जन्म के 24 घंटे के भीतर टीकाकरण कराना बीमारी से बचाव के प्रभावी उपाय हैं।

विश्व हेपेटाइटिस दिवस के तहत शासकीय मेडिकल कॉलेज सहित जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। यहां हेपेटाइटिस जांच, टीकाकरण और काउंसलिंग के माध्यम से लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र प्रसाद, एमडी मेडिसिन डॉ. खुमान सिंह मंडावी, जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. बीएल तुलावी, पैथोलॉजिस्ट डॉ. अनुजा भार्गव, अविन चौधरी, जिला माइक्रोबायोलॉजिस्ट वंदना कोसरिया, अखिलेश नारायण सिंह, हेमंत कुमार साहू, मनीष निमजे सहित जिला चिकित्सालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।