7 महीने से नहीं मिला वेतन : राजनांदगांव नगर निगम में सफाई कर्मियों का प्रदर्शन, आंदोलन की दी चेतावनी

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राजनांदगांव। नगर निगम में ठेका सफाई कर्मचारियों को करीब सात माह से वेतन नहीं मिलने से नाराज कर्मचारियों ने निगम परिसर में प्रदर्शन किया। सफाई कर्मचारी संघ ने लंबित वेतन के साथ ईपीएफ, ईएसआईसी और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की देय राशि का भुगतान करने की मांग की। संघ ने चेतावनी दी कि मांगों का समयबद्ध निराकरण नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष गोलू नायक ने कहा कि नियमित सफाई कर्मचारियों को हर माह की 2 तारीख तक वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। वहीं बॉम्बे ठेका के तहत कार्यरत कर्मचारियों का करीब सात माह का लंबित वेतन तत्काल जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय से वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

चार साल के ईपीएफ-ईएसआईसी रिकॉर्ड की जांच की मांग
संघ ने सफाई कर्मचारियों के करीब चार वर्षों के ईपीएफ और ईएसआईसी से संबंधित लंबित भुगतान व रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की। पात्र कर्मचारियों के खातों में पूरी राशि जमा कराने और इसकी जानकारी कर्मचारियों को उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबित राशि और अन्य देयकों का एकमुश्त भुगतान करने की मांग की गई।

27 वार्डों में भुगतान व्यवस्था पारदर्शी बनाने की मांग
कर्मचारियों ने नगर निगम के 27 वार्डों में महिला समूहों के माध्यम से संचालित ठेका व्यवस्था में काम कर रहे सफाई कर्मचारियों को समय पर वेतन और ईपीएफ भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। स्वीकृत वर्क ऑर्डर के अनुसार प्रत्येक वार्ड में कर्मचारियों से काम कराने तथा कर्मचारी संख्या और भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता रखने की भी मांग की गई।
नायक के अनुसार बॉम्बे ठेका के तहत निर्धारित राशि और वास्तविक भुगतान में अंतर की शिकायतें कर्मचारियों ने की हैं। कर्मचारियों का कहना है कि करीब 13 हजार रुपए या उससे अधिक निर्धारित राशि के मुकाबले कुछ कर्मचारियों को 7 हजार और कुछ को करीब 7,500 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। संघ ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर निर्धारित और वास्तविक भुगतान की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।

आंदोलन की चेतावनी
नायक ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने रखा जा चुका है। विधायक डॉ. रमन सिंह के समक्ष भी समस्याएं रखी गई हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मांगों का समयबद्ध निराकरण नहीं होने पर कर्मचारी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करेंगे। जरूरत पड़ने पर धरना.प्रदर्शन और काम बंद आंदोलन भी किया जाएगा।

कोरोना काल की सेवा का हवाला
संघ अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जब लोग घरों से निकलने से डर रहे थे, तब सफाई कर्मचारियों ने जोखिम उठाकर शहर की सफाई व्यवस्था संभाली थी। आज भी कर्मचारी सुबह से शहर की सफाई में जुटकर लोगों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने में योगदान दे रहे हैं। इसके बावजूद वेतन और वैधानिक लाभ समय पर नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के राजनांदगांव दौरे के दौरान विकास कार्यों के भूमिपूजन का हवाला देते हुए कहा कि करोड़ों रुपए के विकास कार्यों के लिए राशि उपलब्ध हो सकती है, लेकिन सफाई कर्मचारियों के वेतन के लिए राशि नहीं होना उनके साथ अन्याय है। संघ ने शासन-प्रशासन से अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक बुलाकर लंबित वेतनए ईपीएफ, ईएसआईसी और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देयकों का शीघ्र निराकरण कराने की मांग की है।