बच्चों ने बनाई राखियां, स्कूल में लगाया स्टॉल; 8-10 साल से जारी है नवाचार

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कोलिहा। रक्षाबंधन पर्व से पहले शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कोलिहा के विद्यार्थियों ने खुद आकर्षक राखियां तैयार कीं। कक्षा छठवीं से आठवीं तक के विद्यार्थियों ने राखियां बनाने के बाद स्कूल परिसर में स्टॉल भी लगाया। खास बात यह है कि बच्चों को हस्तकौशल, सृजनात्मकता और व्यवसायिक कौशल से जोड़ने वाली यह गतिविधि स्कूल में पिछले 8 से 10 वर्षों से लगातार चल रही है।

शिक्षिका चित्रा साहू के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की हस्तकला और हैंडवर्क सिखाया जाता है। इसी क्रम में बच्चे राखी बनाना सीखते हैं। रक्षाबंधन के पहले स्कूल परिसर में बच्चों द्वारा तैयार राखियों का स्टॉल लगाया जाता है। विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं के अलावा आसपास के स्कूलों के शिक्षक और अन्य लोग भी स्टॉल से राखियां खरीदते हैं।

इससे बच्चों को अपने हुनर को प्रदर्शित करने के साथ अपने बनाए उत्पाद को लोगों तक पहुंचाने और बिक्री का व्यावहारिक अनुभव मिलता है।

प्रधान पाठक सुरेश डांडेकर और अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं ने विद्यार्थियों के प्रयास की सराहना की। प्रधान पाठक ने राखी निर्माण प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को आगामी वार्षिक उत्सव में पुरस्कृत करने की घोषणा की। घोषणा के बाद विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला।

चित्रा साहू ने बताया कि विद्यालय में बच्चों को सिर्फ पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखते हुए उन्हें हस्तकौशल और व्यवसायिक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पिछले 8 से 10 वर्षों से राखी निर्माण और स्टॉल के माध्यम से विद्यार्थियों को सीखने, बनाने और अपने हुनर को लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।

विद्यालय की इस पहल से बच्चों में सृजनात्मक सोच, हस्तकौशल, टीम भावना, आत्मविश्वास, आर्थिक समझ और उद्यमशीलता जैसे जीवनोपयोगी कौशल विकसित हो रहे हैं।