राजनांदगांव। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं गर्भवती एवं शिशुवती माताओं तथा नवजात बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन रही हैं। डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम ढारा निवासी आरती टाण्डेकर को ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ एवं ‘मिनीमाता महतारी जतन योजना’ के समन्वय से 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली है। इस राशि का उपयोग उन्होंने स्वयं तथा अपनी बेटी पूर्वी के बेहतर पोषण और स्वास्थ्य देखभाल में किया।
बेटी के जन्म पर मिली आर्थिक मदद
आरती टाण्डेकर ने अपनी प्रथम गर्भावस्था के दौरान पुत्री पूर्वी को जन्म दिया। आवेदन के पश्चात उन्हें पात्रता अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग की ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ से 5 हजार रुपये तथा श्रम विभाग की ‘मिनीमाता महतारी जतन योजना’ से 20 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई। लगभग एक वर्ष पूर्व श्रम विभाग में कराए गए पंजीयन के कारण उन्हें महतारी जतन योजना का समय पर लाभ मिला।
मातृत्व के दौर में मिला बड़ा सहारा
“आर्थिक सहायता मिलने से बेटी की देखभाल और पोषण पर विशेष ध्यान देने में काफी मदद मिली है। समय पर मिली सहायता से मेरी बेटी पूर्वी स्वस्थ और सुपोषित भविष्य की ओर बढ़ रही है।”
— आरती टाण्डेकर, हितग्राही
जानिए योजनाओं की विशेषताएं और जिले में प्रगति
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: प्रथम बच्चे के जन्म पर 5,000 रुपये तथा द्वितीय संतान के रूप में बालिका होने पर 6,000 रुपये की सहायता दी जाती है।
मिनीमाता महतारी जतन योजना: पंजीकृत श्रमिक महिलाओं को प्रथम दो प्रसव पर 20-20 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाती है।
राजनांदगांव में स्थिति: चालू वित्तीय वर्ष में जिले में मातृ वंदना योजना के तहत 4,139 तथा मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 551 महिलाओं का पंजीयन किया जा चुका है।
