राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले में अवैध मादक पदार्थों और अवैध शराब की तस्करी पर रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में साइबर टीम और पुलिस चौकी चिचोला की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रंगीटोला शराब दुकान के पास अवैध रूप से बिक्री के लिए ले जाए जा रहे 115 पौवा देशी शराब के साथ एक आरोपी को धर दबोचा है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी श्री केसरीनंदन नायक के मार्गदर्शन में पुलिस चौकी चिचोला क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग और निगरानी रखी जा रही है।
दिनांक 11 अक्टूबर 2026 को पुलिस टीम गश्त और अपराध पतासाजी के दौरान चिचोला बस स्टैंड के पास मौजूद थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति रंगीटोला स्थित चिचोला शराब दुकान के पास काई रंग के कपड़े के थैले में भारी मात्रा में शराब भरकर अवैध रूप से बिक्री के लिए ले जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत गवाहों के साथ मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और हुलिए के आधार पर एक संदिग्ध को दबोच लिया।
20.700 बल्क लीटर शराब जप्त
पकड़े गए व्यक्ति ने पूछताछ में अपना नाम शालु मरकाम (पिता कमलेश मरकाम, उम्र 19 वर्ष, निवासी देवारपारा, बापूटोला, पुलिस चौकी चिचोला, थाना छुरिया, जिला राजनांदगांव) बताया।
आरोपी के कब्जे से काई रंग के थैले की विधिवत तलाशी लेने पर ‘शोले देशी प्लेन मदिरा’ के कुल 115 पौवा (प्रत्येक पौवा 180 एमएल) बरामद किए गए। जप्त की गई कुल शराब की मात्रा 20.700 बल्क लीटर है, जिसकी बाजारपेठ में कुल कीमत 9,200 रुपये आंकी गई है। पुलिस ने आवश्यक पंचनामा, फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी की कार्रवाई करते हुए शराब जप्त कर ली और परीक्षण के लिए 4 पौवा का नमूना पृथक से सीलबंद किया।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल
आरोपी से शराब के वैध दस्तावेज मांगे जाने पर वह कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत अपराध क्रमांक 195/2026 पंजीबद्ध कर उसे विधिवत गिरफ्तार किया। इसके पश्चात आरोपी को माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, डोंगरगढ़ के न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है।
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने में सहायक उपनिरीक्षक बिरेंद्र नाविक, प्रधान आरक्षक हरन लाल जगनीत, आरक्षक कार्तिक यादव और आरक्षक विष्णु साहू की सराहनीय भूमिका रही।
