ऐसा कोई भी अक्षर नहीं है, जिसमें मंत्र बनने का सामर्थ ना हो : समतासागर महाराज
डोंगरगढ़। श्री दिगंबर जैन चंद्रगिरी अतिशय महातीर्थ क्षेत्र में 108 आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जी कि समाधी स्थली में 108 निर्यापक श्रमण श्री समतासागर महाराज जी ने कहा कि ऐसा […]
