साधक का लक्ष्य अपनी साधना को आगे बढ़ाते हुये समाधि को प्राप्त करना होता है : समतासागर
राजनांदगांव। साधक का लक्ष्य अपनी साधना को आगे बढ़ाते हुये समाधि को प्राप्त करना होता है। उपरोक्त उद्गार श्रमण संस्कृति के उन्नायक लोकोत्तर महापुरुष आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की […]
