राजनांदगांव। जिले में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की बेहतर स्वास्थ्य निगरानी और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग विशेष अभियान चला रहा है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के तहत अब तक 1698 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क सोनोग्राफी कराई जा चुकी है, जबकि 1237 महिलाओं की दोबारा जांच भी की गई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश पर जिले में 2043 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनकी नियमित स्वास्थ्य निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रत्येक सप्ताह दूरभाष के माध्यम से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले रही है, ताकि किसी भी प्रकार की जटिलता की स्थिति में समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
शासकीय अस्पतालों और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सहयोग से गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिन महिलाओं की संभावित प्रसव तिथि 15 दिन के भीतर है, उनके घर स्वास्थ्य टीम पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक परामर्श और सुरक्षित संस्थागत प्रसव की तैयारियों की जानकारी दे रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पीएमएसएमए दिवस पर आयोजित विशेष शिविरों, नियमित फॉलोअप और विशेषज्ञ चिकित्सकों के सहयोग से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बेहतर मातृ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन प्रयासों के चलते जिले में सुरक्षित प्रसव की संख्या बढ़ने के साथ मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में भी कमी दर्ज की गई है।
