राजनांदगांव। कलेक्टर न्यायालय राजनांदगांव द्वारा पारित आदेश के अनुसार महाराष्ट्र से अवैध रूप से धान परिवहन के प्रकरण में जप्त किए गए 6 वाहन एवं 2170 कट्टा धान को निर्धारित राशि जमा करने के उपरांत जप्ती से मुक्त करने का आदेश जारी किया गया है।
खाद्य एवं राजस्व विभाग की रिपोर्ट तथा पुलिस विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर जिला गोंदिया महाराष्ट्र निवासी अनावेदक व वाहनस्वामियों जयप्रकाश रत्नाकर सहित अन्य 5 व्यक्तियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया था। महाराष्ट्र राज्य से छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में शासन द्वारा निर्धारित प्रतिबंध अवधि के दौरान बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के 6 टाटा आयसर वाहनों में कुल 2170 कट्टा धान का अवैध परिवहन कर रहे थे। पूर्व में भी इन वाहनों से धान लाकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध रूप से खपाया गया है। छत्तीसगढ़ शासन, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आदेश का उल्लंघन किया गया है। इस पर आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 6 (क) एवं छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 की धारा 19 के प्रावधानों के तहत 6 मार्च 2026 को आदेश पारित किया गया। आदेशानुसार प्रति वाहन 3 लाख रूपए तथा जप्तशुदा धान की कीमत का 5 प्रतिशत राजसात राशि शासकीय खजाना में जमा करने एवं निर्धारित मंडी शुल्क संबंधित मंडी में अदा करने के उपरांत 6 वाहन मय 2170 कट्टा धान को जप्ती से मुक्त करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर न्यायालय द्वारा यह आदेश जप्त वाहनों के लंबे समय से एक स्थान पर खड़े रहने से कलपुर्जों में संभावित क्षति तथा धान की गुणवत्ता में संभावित गिरावट को दृष्टिगत रखते हुए पारित किया गया। पारित आदेश के अनुसार अनावेदकों द्वारा 6 वाहनों एवं जप्त धान की कीमत में से राजसात की गई कुल 19 लाख 34 हजार 540 रुपए की राशि चालान के माध्यम से खजाना दाखिल करने एवं मंडी शुल्क की कुल 59 हजार 198 रुपए की राशि संबंधित मंडी में जमा कर रसीद प्रस्तुत की गई। इसके उपरांत कलेक्टर न्यायालय द्वारा जप्त वाहन मय धान को जप्ती से मुक्त करने का आदेश जारी किया गया।
Monday, September 21, 2026
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